Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
ज्ञान विज्ञान

चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग कराने वाला भारत पहला देश बन सकता है भारत

शेयर करें: WhatsApp Facebook X
चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग कराने वाला भारत पहला देश बन सकता है भारत
विज्ञापन
  • चंद्रयान-2 के आर्बिटर और चंद्रयान-3 के लैंडर के बीच बना संपर्क; इसरो ने दी जानकारी 

एबीएन नॉलेज डेस्क। चंद्रयान 3 मिशन का लैंडर मॉड्यूल चांद की सतह से महज 25 से 150 किलोमीटर की दूरी पर चक्कर लगा रहा है। इसरो के मुताबिक, चंद्रयान-2 के आर्बिटर का चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल से संपर्क हो गया है। 

अब 23 अगस्त का इंतजार है, जब चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग के साथ ही भारत इतिहास रच देगा और ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जायेगा। अभी तक अमेरिका, रूस और चीन ने ही चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने में सफलता हासिल की है। इतना ही नहीं चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग कराने वाला भारत पहला देश हो सकता है।  

चंद्रयान-2 के मुकाबले चंद्रयान-3 बेहतर कैसे? 

चंद्रयान-2 से सबक लेकर चंद्रयान-3 में कई सुधार किये गये हैं। लक्षित लैंडिंग क्षेत्र को 4.2 किलोमीटर लंबाई और 2.5 किलोमीटर चौड़ाई तक बढ़ा दिया गया है। चंद्रयान-3 में लेजर डॉपलर वेलोसिमीटर के साथ चार इंजन भी हैं जिसका मतलब है कि वह चंद्रमा पर उतरने के सभी चरणों में अपनी ऊंचाई और अभिविन्यास को नियंत्रित कर सकता है। 

भारत को हो सकता है बड़ा फायदा 

भारत का चंद्रयान-3 चंद्रमा की सतह पर 23 अगस्त को उतरने का प्रयास करेगा, जिससे संभावित रूप से कई आर्थिक लाभ मिलने का रास्ता साफ हो सकता है। भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था 2025 तक 13 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। चंद्रमा पर सफल लैंडिंग भारत की तकनीकी क्षमता को भी बयां करेगी। 

चंद्रयान-3 ने 14 जुलाई को प्रक्षेपण के बाद पांच अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किया था। प्रणोदन और लैंडर मॉड्यूल को अलग करने की कवायद से पहले इसे छह, नौ, 14 और 16 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में नीचे लाने की कवायद की गयी, ताकि यह चंद्रमा की सतह के नजदीक आ सके।

अब 23 अगस्त को चांद पर इसकी सॉफ्ट लैंडिंग कराने का प्रयास किया जायेगा। इससे पहले, 14 जुलाई के प्रक्षेपण के बाद पिछले तीन हफ्तों में पांच से अधिक प्रक्रियाओं में इसरो ने चंद्रयान-3 को पृथ्वी से दूर आगे की कक्षाओं में बढ़ाया था। 

चंद्रयान-2 के आर्बिटर का चंद्रयान-3 से हुआ संपर्क 

इसरो ने सोमवार को ट्वीट कर बताया कि चंद्रयान-2 के आॅर्बिटर का चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल से संपर्क हुआ है। दोनों के बीच टू-वे कम्युनिकेशन स्थापित हो गया है।

विज्ञापन

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 40,470