एबीएन सोशल डेस्क। डीएवी पब्लिक स्कूल सीसीएल गांधीनगर में पूर्व आईपीएस अधिकारी श्री प्रशांत करण ने बच्चों के सफल भविष्य के निर्माण से संबंधित विभिन्न विषयों पर छात्र सभा को संबोधित किया। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने अंदर के अग्नि तत्व को पहचानना चाहिए।
अग्नि तत्व ही ईश्वर है, सफलता की ऊर्जा है। जो व्यक्ति अपने भीतर के अग्नि तत्व को पहचान कर उसे जागृत करता है, वही जीवन में सफलता अर्जित करता है। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा बड़े बड़े सपनों को साकार रूप देने के लिए व्यक्ति को बड़े बड़े संकट भी झेलने पड़ते हैं। दुर्भावनाओं से ग्रस्त व्यक्ति जीवन में हमेशा तनाव में रहता है। कोई भी छात्र मानसिक एकाग्रता के बिना विद्या अर्जित नहीं कर सकता। पुरुषार्थ के साथ अपने ध्यान को केंद्रित करना सफलता का लक्षण है। व्यक्ति को हमेशा अपना मूल्यांकन करना चाहिए। आत्म मूल्यांकन या आत्म निरीक्षण से जहाँ भीतर की दुर्बलता का ज्ञान होता है वहीं उसे सही मार्गदर्शन भी मिलता है। उन्होंने अपने लम्बे वक्तव्य उन्होंने दूसरे की आलोचनाओं की चिंता न नहीं करना, आत्मा की आवाज सुनना, छोटी समस्याओं से भयभीत होकर लक्ष्य से अपने कदमों को कभी पीछे नहीं हटाना आदि पर विस्तृत व्याख्यान दिये।
उन्होंने छात्रों की विभिन्न शंकाओं, जिज्ञासाओं के उत्तर भी दिये। इस अवसर पर प्राचार्य श्री एसके सिन्हा ने भी छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जो दूसरे के अनुभवों को सुनता है, मनन करता है वह भविष्य में सहायक होता है। मौके पर विद्यालय के शिक्षक पुष्प कुमार झा वैद्यनाथ मिश्र, कविता मुखर्जी, कांति दुबे आदि शिक्षक उपस्थित थे।