एबीएन नॉलेज डेस्क। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के आर्टेमिस-1 प्रोजेक्ट के तहत लॉन्च किया गया ओरियन नाम का अंतरिक्षयान आज चांद के सबसे पास से गुजरा। इस दौरान चांद से इसकी दूरी 128 किलोमीटर थी। भारतीय समय के मुताबिक शाम करीब 6.27 पर ये स्पेसक्राफ्ट चांद के सबसे पास से गुजरा।
दरअसल, नासा ने हाल ही में अपना प्रोजेक्ट आर्टेमिस-1 लॉन्च किया था। इसके तहत नासा ने फ्लोरिडा के केप केनवरल से अब तक का सबसे बड़ा रॉकेट लॉन्च किया था। प्रोजेक्ट के तहत लॉन्च किए गए अंतरिक्षयान में कोई इंसान नहीं था। अगर नासा का यह प्रयोग सफल रहता है तो इंसान को ऐसे ही यान के जरिए चांद की धरती पर उतारा जायेगा। इस प्रोजेक्ट को तीसरे प्रयास में सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया था। अगस्त और सितंबर में भी कोशिश की गई थी, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण उसे रद्द करना पड़ा था। नासा ने अपने मून मिशन का नाम आर्टेमिस खास वजह से रखा है। दरअसल ग्रीक लोककथाओं में आर्टेमिस को अपोलो की जुड़वा बहन कहा जाता था।
दिसंबर में अपोलो 17 मिशन के 50 साल पूरे होने वाले हैं। यह आखिरी बार था जब मनुष्य ने चांद पर कदम रखा था। 1972 में अपोलो मिशन के तहत जब अंतरिक्ष यात्री जिन सरनेन ने चांद पर कदम रखा था कि तो लगा था कि अब चांद पर दोबारा लौटने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा, लेकिन इसमें 50 साल का इंतजार करना पड़ा। इन सालों में कई चुनौतियों सामने आई और चुनौतियों से निपटा भी गया। कई चुनौतियों का हल निकाला गया और कुछ के जवाब अभी भी मिलने बाकी हैं। अब नासा इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है। यही वजह है कि स्पेस एजेंसी नासा अगले 10 सालों में कई मुश्किल मिशन लॉन्च करने की तैयारी में है।