विचार
राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की उम्मीद...
ABN Bureau
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25 Jul, 2022
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एबीएन एडिटोरियल डेस्क (सत्यनारायण गुप्ता)।
पिछले दिनों खेल के मैदान से कुछ अच्छी तो कुछ निराश करने वाली खबरें आईं। 73 वर्षों में पहली बार भारत ने थामस कप बैडमिंटन का खिताब जीता, पीवी सिंधु ने सिंगापुर ओपन में जीत का परचम लहराया, विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में श्रीशंकर (लंबी कूद) अन्नु रानी और रोहित यादव (जेवलीन थ्रो) ने अच्छे प्रदर्शन से प्रशंसा बटोरी और नीरज चोपड़ा ने रजत पदक जीत कर अपनी श्रेष्ठता बरकरार रखी। लेकिन महिला हाकी विश्व कप में खिलाड़ियों का प्रदर्शन ओलंपिक जैसा शानदार नहीं रहा और भारतीय महिला टीम 9 वें स्थान में रही। भारतीय पुरुष हाकी टीम को भी एशिया कप में सिर्फ कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। उधर इंग्लैंड से पांचवां और अंतिम टेस्ट हारने के कारण भारत विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की रैंकिंग में चौथे स्थान पर खिसक गया है। इन उतार चढ़ावों के बीच अब खेल प्रेमियों का ध्यान इंग्लैंड के बर्मिंघम की ओर खींचा चला गया है, जहां 28 जुलाई से 8 अगस्त तक राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन होने जा रहा है। जहां 72 देशों के 4500 ज्यादा खिलाड़ी पदक के लिए संघर्ष करेंगे और 283 पदकों के लिए 19 तरह के खेलों में हिस्सा लेंगे। राष्ट्रमंडल खेलों में 215 खिलाड़ियों का भारतीय दल भी अपना दमखम दिखलाने के लिए तैयार है। जिसमें 108 पुरुष और 107 महिला हैं। एथलेटिक्स की स्पर्धाओं में 37 खिलाड़ी भाग लेंगे। राष्ट्रमंडल खेल जिसे पहले ब्रिटिश एम्पायर गेम्स कहा जाता था की शुरुआत 1930 में हुई थी, कनाडा के हैमिल्टन शहर में। 1978 में इन खेलों का नाम राष्ट्रमंडल खेल अर्थात कामनवेल्थ गेम्स पड़ा। इसका आयोजन प्रत्येक 4 वर्ष में होता है। ब्रिटेन और उसके द्वारा पूर्व में शासित देश राष्ट्रमंडल देश कहलाते हैं। ओलंपिक और एशियाई खेलों के बाद सबसे बड़ा खेल उत्सव राष्ट्रमंडल खेल ही माने जाते हैं। 1934 के बाद भारत लगातार (1950,1962 एवं 1986 को छोड़कर)-राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेता रहा है।1934 में भारत ने केवल दो खेलों कूश्ती और एथलेटिक्स में हिस्सा लिया और एक कांस्य पदक जीता। कूश्ती में कांस्य पदक जीतकर राशिद अनवर ब्रिटिश एम्पायर गेम्स में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने।1934 से लेकर 2018 तक भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों में कुल 503 पदक जीते हैं। जिनमें 181 स्वर्ण,173 रजत तथा 149 कांस्य पदक हैं। सबसे अधिक पदक (135) निशानेबाजी में मिले हैं और राष्ट्रमंडल खेलों में सबसे सफल भारतीय खिलाड़ी 9 स्वर्ण सहित कुल 15 पदक जीतने वाले जशपाल राणा रहे हैं। वैसे भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक धावक मिल्खा सिंह ने कार्डिफ राष्ट्रमंडल खेलों में 440 यार्ड इवेंट में प्राप्त किया था। भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2010 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में रहा था , जहां भारत ने 101पदक जीतकर दूसरा स्थान प्राप्त किया था। बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल शुरू होने से पहले ही भारत के दो खिलाड़ी फर्राटा धाविका धनलक्ष्मी और ट्रिपल जंपर ऐश्वर्य बाब डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं। लेकिन विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक जीत कर नीरज चोपड़ा ने राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों में उत्साह का संचार कर दिया है। आगामी राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को अपने 37एथलिटों से पदक की उम्मीद तो है ही, पुरुष और महिला हाकी टीम से भी कम उम्मीद नहीं है। इस बार ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष हाकी टीम आस्ट्रेलिया को पछाड़ कर स्वर्ण जीत ले तो कोई आश्चर्य नहीं। इसके अलावा जैवलीन थ्रो में नीरज चोपड़ा, रोहित यादव और अन्नु रानी से, बैडमिंटन में पीवी सिंधु, लक्ष्य सेन, के श्रीकांत, चिराग शेट्टी और सात्विक साईराज से, लंबी कूद में श्री शंकर और मो अनीश याहिया से,3000 मीटर स्टीपल चेज में अविनाश साबले से, त्रिकूद में प्रवीण चित्राबेल, अब्दुल्ला अबुबाकर से, चक्का फेंक में सीमा पुनिया और नवजीत कौर से, मैराथन रेस में नितेंद्र रावत से, कूश्ती में सागर अहलावत, दीपक पुनिया, बजऱंग पुनिया, रवि दाहिया, विनेश फोगाट, साक्षी मलिकऔर अंशु मलिक से, मुक्केबाजी में अमित पंघाल और निकहत ज़रीन से, भारोत्तोलन में मीराबाई चानू से और टेबल टेनिस में अचंता शरत कमल और मोनिका बत्रा से पदक की उम्मीद है।इस बार भारतीय महिला क्रिकेट टीम भी राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा ले रही है और इनसे भी खेलप्रेमियों को काफी उम्मीदें हैं।
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