- महराया हुआ फुस्स पटाखा-रॉकेट...
त्रिवेणी दास
और..अंततोगत्वा जंतर मंतर पर धरना दे रहे सोनम वांचूक ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आग्रह पर स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के हाथों फल का जूस पीकर अपना अनशन समाप्त कर दिया है। सोनम वांचूक ने ताड़ लिया कि छात्रों के आंदोलन में कुछ फुस्स-पटाखे वाले राजनीतिज्ञों का अवांछित एंट्री हो चुका है और आंदोलन का मुख्य उद्देश्य राजनीति के वेदी में बलि चढ़ चुका है।
जैसे ही सोनम वांचूक ने अनशन समाप्त करने की घोषणा की कांग्रेस ने कह दिया कि वांचूक इस आंदोलन के हिस्सा थे ही नहीं। राहुल गांधी अभी 21 दिनों तक विदेश में रहकर वापस आए और प्रधानमंत्री का आवास जो हाइली प्रोटेक्टेड एरिया होता है, सड़क पर लेट गए।
लगातार चुनाव हारती उनकी पार्टी छात्रों के आंदोलन का केंद्र जंतर मंतर तो नहीं गई परंतु सड़क की राजनीति के माध्यम से जमीन तलाश रही है जबकि लगातार सिद्ध होते रहा है है कि राहुल गांधी कभी नहीं लांच होने वाले फुस्स रॉकेट हैं। लाल टोपी और झाड़ू वालों को जनता वोट नहीं दे रही है इसी बहाने किस्मत आजमा रहे हैं।
छात्रों के मुद्दे और परीक्षा में पेपर लीक के मामले में मोदीजी ने कठोर कदम उठाया है। छात्रों से बात करने की सरकार के द्वारा पहल की गई है। पकड़े गए लोगों को फास्ट ट्रैक में मुकदमा चला कर सजा दिलाने की घोषणा प्रधानमंत्री ने कर ही दिया है। मंत्रिमंडल के बैठक में इस संबंध में कड़ा कानून लाने का मसौदा स्वीकार कर लिया गया है।
पार्लियामेंट में मोदी जी ने खास अंदाज में कहा कि..
तमाशा करने वालों को
क्या खबर
हमने कितने तूफानों को
पार कर दीया जलाया है..
किसी पत्रकार ने मोदी जी से पूछा था कि आपके सेहत का राज क्या है? मोदीजी ने जवाब दिया था कि रोज रोज दो-चार किलोग्राम गाली खाता हूं और वही मेरी ताकत बन जाती है। आंदोलनकारी छात्रा और छात्राओं के द्वारा जिस प्रकार मोदी जी को गाली देने जा रही है बेचारी गाली का भी सिर शर्म से झूकी जा रही है।