त्रिवेणी दास
"कृपा" का रहस्य बताने वाले एक बाबा से एक भक्त ने पूछा, बाबा मेरे ऊपर आने वाला कृपा कहां रुकी हुई है_?
बाबा ने पूछा लौकी खाते हो क्या_?
भक्त ने कहा, दिल को स्वस्थ रखने के लिए लौकी रोज ही खाता हूं
बाबा ने कहा लौकी खाना बंद कर दो तुम्हारी कृपा लौकी में रुकी हुई है।
देश के कांक्रोचों ने सोचा कि NEET में ही उनकी कृपा फंसी हुई है। चलो इसी को मुद्दा बनाते हैं। नीट को ही क्यों न धराशाई कर दिया जाए_?
ना रहेगा नीट ,
न होगा पेपर लीक
उधर धुरंधर भांप लिया था
मामला जांच लिया था ,
फिर से नीट करवा दिया
पेपर लीक वालों को
पकड़ जेल भिजवा दिया_
कृपा पाने की आश में
नेता सड़क पर निकल गया
जनता की कृपा नहीं मिली
मंसूबा उसका फिसल गया_
कृपा नियत में होती है
परिश्रम में होती है
क्रिया प्रतिक्रिया के
परिणाम में होती है
सच्चे बाबा की बात मान लो
कृपा पाने का रहस्य जान लो