- पीएम मोदी और आत्मनिर्भर भारत...
त्रिवेणी दास
एबीएन एडिटोरियल डेस्क। भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कल शुक्रवार को हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर उद्घाटन करते हुए रवाना किया। यह ट्रेन जींद से सोनीपत रूट पर 89 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इस ट्रेन में 10 कोच हैं और यात्री क्षमता 2,600 की है। इस ट्रेन के इंजन में 9 लीटर पानी से 1 लीटर हाइड्रोजन गैस बनाया जा रहा है।
8 हाइड्रोजन फ्यूल सेल लगाए गए हैं जो हाइड्रोजन एवं हवा के रासायनिक क्रिया से बिजली उत्पन्न करते हैं और लिथियम बैटरियों को चार्ज करते हैं और इसी बैटरी के बिजली से ट्रेन चलती है। ट्रेन प्रदूषण मुक्त है और ट्रेन धुएं की जगह पानी का भाँप छोड़ती है। ट्रेन की गति अधिकतम 110 किलोमीटर प्रति घंटा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यही विशेषता है कि वे अग्रिम (Advance) सोचते हैं और समस्या के समाधान का ठोस उपाय करते हैं और सकारात्मक परिणाम को धरातल के ऊपर उतारते भी हैं। भारतीय रेल के विद्युतीकरण का कार्य 1025 शुरू हुई थी। 2014 ई तक 30% विद्युतीकरण का कार्य 90 वर्ष में हो सका था।
2014 में मोदीजी के प्रधानमंत्री बनने के बाद 99% रेलवे रूट के विद्युतीकरण का कार्य हो चुका है; और यही कारण है कि तेल संकट के बाद भी भारत के विकास की गति बाधित नहीं हो पाई है। अपने राष्ट्र तथा हम लोगों का सौभाग्य है कि हम अपने भारत को आवश्यकता के हर एक आयाम में आत्मनिर्भर होते हुए अपनी आंखों से देख पा रहे हैं।