त्रिवेणी दास
एबीएन एडिटोरियल डेस्क। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा दुनिया भर में होने के कुछ विशेष आधार हैं। जीवन के कठिन संघर्ष में ने उन्हें ऐसा व्यक्तित्व प्रदान किया है जो विरले ही देखने सुनने में आता है।
मोदीजी सदैव व्यवस्थित दृष्टिगोचर होते हैं। उनका पहरावा सादगी परंतु गरिमामयी होता है जो सहज ही व्यापक प्रभावशाली होता है। मोदीजी की बॉडी लैंग्वेज एवं चाल-ढाल आत्मविश्वास से भरा हुआ दिखाई देता है।
भगवा एवं ध्यान मुद्रा में तपस्वी की तरह, सेना के पोशाक में सैनिक के जैसा और सामान्य दिनचर्या में दिव्य आभा मंडल से युक्त दिखाई देते हैं। देशभक्ति, अनुशासन तथा मर्यादा उनके व्यक्तित्व से उद्भाषित होते रहता है, क्योंकि उनकी विचारधारा एवं भावनाएं उनके व्यवहार के अनुकूल है।
भले ही वह दुनिया के किसी भी बड़ा नेता के साथ खड़े हों उनका आत्मविश्वास उन्हें बड़ा बनाए रखना है। वादा, शिलान्यास और उद्घाटन उनके कार्यशैली की विशेषता है और यही उनकी लोकप्रियता का रहस्य है।
देश के शीर्ष तथा इतनी शक्तिशाली होने के बाद भी परिवार का मोह उन्हें छू भी नहीं सका है। राजनीति में इस प्रकार का चरित्र दुर्लभ ही होता है।
कभी बीमार नहीं पड़ना, कभी छुट्टी नहीं लेना, निश्चित समय पर कार्यालय जाना, 18 घंटे तक काम करना, निडर होकर निर्णय लेना, अध्ययन, स्मरण शक्ति, विचार संप्रेषित करने की कला, जिम्मेवारी एवं मातृभूमि के लिए सर्वस्व समर्पण किसी एक व्यक्ति में होना कोई साधारण वस्तु नहीं है।
मोदी जी से किसी ने पूछा कि आपके आंतरिक शक्ति का राज क्या है? मोदी जी ने कहा कि मैं रोज गाली खाता रहता हूं और यही मेरे ताकत का रहस्य है। सहनशक्ति का बल अद्भुत है और आश्चर्य चकित करता है।
राजनीति के दांव-पेंच, चुनाव जीतने की चुनौती और राजनीतिक गलियारों में विचरण करते विभिन्न प्रकार के जीव-जंतुओं का सामना इत्यादि कितना कठिन कार्य है सरलता से समझा जा सकता है लेकिन मोदीजी इन विषयों को सुलझाते चले जा रहे हैं।
कर्तव्य पथ के राही श्रीमान नरेंद्र मोदीजी कहते रहते हैं कि उनकी वास्तविक शक्ति का केंद्र बिंदु 144 करोड़ देशवासियों का आशीर्वाद और शुभकामना ही है। मोदी जी अपने राजनीतिक जीवन में अनेक झूठे आरोप, लांछन और और छवि धूमिल करने के कुत्सित प्रयास से बेदाग निकलते रहे हैं और इन दिनों जिस प्रकार के घटिया एवं अविश्वसनीय लांछन उनके ऊपर थोपे जा रहे हैं, उससे उनका कुछ बिगड़ता वाला नहीं है क्योंकि देशवासियों का विश्वास उनके साथ जुड़ा हुआ है।