त्रिवेणी दास
एबीएन एडिटोरियल डेस्क। मंगलवार अगहन शुक्ल पक्ष के पंचमी तिथि दिनांक 25 नवंबर 2025 को शुभ अभिजीत मुहूर्त में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख श्रीमान मोहन भागवत ने संयुक्त रूप से अयोध्या में निर्मित भव्य राम मंदिर के शिखर पर श्रीराम मंदिर के निर्माण के पूर्णाहुति की अंतिम आहुति के रूप में 11.50 बजे 18 फीट लंबी 9 फीट चौड़ी भगवा ध्वज को मंदिर के शिखर में अवस्थित स्वर्ण दंड पर आरोहित किया।
भावविह्वल मोदी जी ने प्रकंपित हाथों से करबद्ध ध्वज को प्रणाम किया। इस आयोजन के साथ ही 500 वर्षों के सतत संघर्ष को विराम मिला। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद यह कार्य प्राथमिकता की सूची में होनी चाहिए थी, परंतु संकीर्ण एवं स्वार्थ राजनीति के कारण इसकी अवहेलना की गयी।
यह यथार्थ है कि मंदिर के निर्माण में न्यायालय के निर्णय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई परंतु यथार्थ यह भी है कि संपूर्ण राष्ट्र ने मंदिर निर्माण में अनुकूल वातावरण का निर्माण किया। ध्वजारोहण के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय चेतना की भावना प्रत्येक भारतीयों के हृदय में रहने की बात कही। मंदिर निर्माण के पूर्णाहुति भारतीय सांस्कृतिक गौरव तथा राष्ट्रीय एकता का उद्घोष है। यह ध्वज नीति एवं न्याय का प्रतीक बना रहेगा।
यह ध्वज सुशासन से समृद्धि का पथ प्रदर्शक और विकसित भारत की ऊर्जा बनकर सदा सदा के लिए आरोहित रहेगा। संपूर्ण समाज के सामूहिक सहयोग, समर्थन, सदाचार, और संपर्क से एक राजकुमार को मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम जैसे व्यक्तित्व का निर्माण कर किया। संपूर्ण देशवासियों के राष्ट्रीय चेतना की शक्ति से ही भारत को संपूर्ण उन्नत किया जा सकता है।