सुश्री अनिमा टोप्पो
एबीएन एडिटोरियल डेस्क। ख्रीस्तियों के लिए पास्का का पर्व एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं पवित्र पर्व है। जो प्रभु येशु के पुनरुत्थान का उत्सव मनाता है। यह दिव्या उत्सव हमें प्रेम, आशा, बलिदान और नवजीवन का संदेश देता है।
क्रूस पर उनके बलिदान और तीसरे दिन उनका पुनर्जीवित होना, समस्त मानव के लिए उद्वार का प्रतीक है। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि अंधकार के बाद प्रकाश आवश्यक आता है और प्रत्येक संघर्ष के बाद एक नई शुरुआत होती है।
पास्का का यह पावन पर्व हम विश्वासियों के जीवन में प्रेम, विश्वास आशा का प्रकाश लाये। जिससे कि सभी खीस्त भाई -बहन अपने जीवन की कठिनाइयों पर विश्वास और प्रेम से विजय पा सके। प्रभु का पुनरुत्थान सभी खीस्त विश्वासियों में नया उत्साह, शांति, आद्यात्मिक जागृति लाये। (लेखिका प्रभात तारा स्कूल, धुर्वा, रांची की शिक्षिका हैं।)