अनिमा टोप्पो
एबीएन एडिटोरियल डेस्क। क्रिसमस का समय हम ख्रीस्त विश्वासियों के लिए एक अद्भुत और उल्लासपूर्ण पर्व होता है। यह वह अनमोल क्षण है, जब हम प्रभु येसु के जन्म की खुशी में डूबकर इस पर्व को श्रद्धा, आस्था और हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। परंतु, क्या आप जानते हैं कि क्रिसमस का असली अर्थ क्या है? यह सिर्फ क्रिसमस ट्री, सांताक्लाज या रंग-बिरंगे केक का पर्व नहीं है। इन प्रतीकों के माध्यम से हम उत्सव का आनंद तो लेते हैं, लेकिन क्रिसमस का सच्चा संदेश कहीं अधिक गहरा और अर्थपूर्ण है।
क्रिसमस वह दिन है जब प्रभु येसु ने स्वर्ग से पृथ्वी पर आकर मानवता का उद्धार किया, पाप से मुक्ति प्रदान की और हमें प्रेम, शांति और मुक्ति का अद्वितीय संदेश दिया। यही असली क्रिसमस है : एक दिव्य प्रेम, शांति और समर्पण की कहानी, जो आज भी हमारे दिलों को सुकून और उत्साह देती है। इस दिन का महत्व सिर्फ उत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमें अपने आस्थाओं, आदर्शों और दृष्टिकोणों को नई दिशा देने के लिए प्रेरित करता है।
जैसे परम पिता परमेश्वर ने अपने इकलौते पुत्र को हमारी मुक्ति के लिए हमारे बीच भेजा, वैसे ही हमें भी समाज में उपस्थित असहाय, गरीब और जरूरतमंदों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। क्रिसमस हमें यह सिखाता है कि खुशियां तब ही सच्ची होती हैं, जब हम इन्हें एक-दूसरे के साथ बांटते हैं, जैसे प्रभु ने हमें अपना सब कुछ दे दिया।
क्रिसमस के समय में, सड़कों, दुकानों, पेट्रोल पंपों, रेलवे स्टेशनों और हर जगह सजावट की एक विशेष छटा देखने को मिलती है। हर कोने में क्रिसमस के गीत गूंजते हैं और पूरा वातावरण प्रभु के जन्म का उत्सव मनाता है। ये सारी सजावट और खुशी हमें यह याद दिलाती हैं कि यह पर्व सिर्फ बाहरी उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमारी आत्मा को उज्जवल बनाने और एक दूसरे के प्रति प्रेम और दया का संदेश देने का पर्व है।
हम ख्रीस्त विश्वासियों के लिए क्रिसमस सिर्फ आनंद और उत्सव का पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, सेवा और मदद का प्रतीक है। यह हमें मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और सभी के लिए प्रेम और शांति का मार्ग दिखाने के लिए प्रेरित करता है। क्रिसमस के इस शुभ अवसर पर, आप सभी को ढेर सारी शुभकामनाएं और बधाईयां...। (लेखिका प्रभात तारा स्कूल, धुर्वा की सहायक शिक्षिका हैं।)