मृत्युंजय दीक्षित
एबीएन सेंट्रल डेस्क। 18वीं लोकसभा के गठन तथा शपथ ग्रहण के साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजग गठबंधन की सरकार ने अपना कामकाज प्रारम्भ कर दिया है। कठिन चुनौतियों में भी अवसर खोजने वाली भाजपा व प्रधानमंत्री मोदी ने अपना संकल्प पत्र अमल में लाकर राजनैतिक गणित ठीक करने का अभियान भी आरम्भ कर दिया है। राजनैतिक विश्लेषकों का कहना है कि नए दौर की भारतीय जनता पार्टी सदा चुनावी मोड में रहती है। वो बात अलग है कि चुनावों में कभी सफलता मिलती है और कभी नहीं भी मिलती।
वर्तमान लोकसभा में भाजपा को 241 सीटें प्राप्त हुई हैं। उसे उप्र, राजस्थान, हरियाणा और महाराष्ट्र में अच्छा खासा नुकसान हुआ किंतु प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में तनिक भी विलम्ब न करते हुए भाजपा ने सबकुछ ठीक करने के लिए कमर कर कर अभियान आरम्भ कर दिया है। लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी ने पहली फाइल पर हस्ताक्षर करके किसानों की सम्मान निधि की अगली किश्त को मंजूरी दी। वहीं, कैबिनेट ने अपनी बैठक में गरीबों के लिए 3 करोड़ आवास बनाने का निर्णय लिया।
प्रधानमंत्री मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद जहां जी 7 में भाग लेने के लिए इटली गये, वहीं भारत में उन्होंने सर्वप्रथम अपने संसदीय क्षेत्र काशी की यात्रा की और किसानों को सम्मान निधि जारी करते हुए मतदाताओं को धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री ने काशी में बन रहे स्टेडियम की प्रगति का अवलोकन भी किया। काशी में प्रधानमंत्री मोदी व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरी तरह से साथ तथा तनाव मुक्त दिखे। साथ ही अगली अग्निपरीक्षा के लिए तैयार भी।
प्रधानमंत्री मोदी ने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से किसान सम्मान निधि के तहत 20 हजार करोड़ रुपये किसानों के खाते में डाले। अभी जब विपक्ष यही दिखाने में जुटा हुआ है कि इस बार भाजपा का अपने दम पर बहुमत नहीं है तब भाजपा मतदाता अभिनंदन यात्रा के माध्यम से यह बताने के लिए जुट गई है कि ऐतिहासिक रूप से तीसरी बार सरकार बनाने का अवसर जनता ने भाजपा को ही दिया है।
आंकड़ों के अनुसार विगत चुनावों में भाजपा के पास ग्रामीण इलाके की 201 सीट थीं जबकि पार्टी इस बार ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र 126 सीट ही जीत पाई है। माना जा रहा है कि किसानों, युवाओं और महिलाओं का एक बड़ा वर्ग इस बार किसी न किसी कारण से भाजपा से नाराज हो गया जिससे उसकी सीटें काफी कम हो गयी। यही कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी से किसान सम्मेलन के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी के नाराज मतदाता को मनाने के साथ कई समीकरण साधने व संदेश देने का प्रयास किया है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि 18वीं लोकसभा के लिए हुआ ये चुनाव भारत के लोकतंत्र की विशालता, लोकतंत्र के सामर्थ्य, भारत के लोकतंत्र की व्यापकता, भारत के लोकतंत्र की जड़ों की गहराई को दुनिया के सामने पूरे सामर्थ्य के साथ प्रस्तुत करता है। उन्होंने अपने संबोधन में एक बार फिर कहा कि मां गंगा ने मुझे गोद लिया है। मैं यहीं का हो गया हूं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मैंने किसान, नौजवान, नारी शक्ति और गरीब को विकसित भारत का मजबूत स्तंभ माना है और सरकार बनते ही सबसे पहले और सबसे बड़ा किसान और गरीब परिवारों से जुड़ा फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि आज 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने के लिए भी बड़ा कदम उठाया गया है। कृषि सखी के रूप में बहनों की नई भूमिका उन्हें सम्मान और आय के लिए नये साधन दोनो सुनिश्चित करेगी। कृषि निर्यात में हमें और आगे जाना है।
किसान सम्मेलन को उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी संबोधित किया और प्रदेश के किसानों को बड़ा संदेश देते हुए उनकी नाराजगी को कम करने का प्रयास किया है ताकि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा उपचुनावों तक किसानों की नराजगी को कम करके लाभ लिया जा सके। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि व किसानों के लिए बहुत बड़ी बातें कही हैं। उनका कहना है कि खेती हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान आत्मा। किसान भगवान के रूप हैं। इसी को ध्यान में रखकर सरकार किसानों के हित के लिए बहुत काम कर रही है।
2024 के लोकसभा चुनावों में ग्रामीण क्षेत्रों में हुए नुकसान को देखते हुए भाजपा ग्रामीण क्षेत्रों में अपना विशेष अभियान चलाने जा रही है। आगामी दिनों में हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। जिसमें हरियाणा की 90 में से 35 सीट का फैसला किसान करते हैं। झारखंड की 81 में से 31 सीटों पर भी किसान असरकारी हैं। जबकि महाराष्ट्र में 288 विधानसभा सीटों मे से 134 सीटें ऐसी हैं जहां किसान चुनाव परिणामों पर सीधा असर डालते हैं। भाजपा मतदाताओं का आभार जताने के लिए मतदाता अभिनंदन यात्रा भी निकालेगी। स्पष्ट है भाजपा एक गतिमान पार्टी है और वह अपने कार्यकर्ताओं को भी गतिमान बनाये रखना जानती है। (लेखक, स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं।)