चालीसा संदेश
सुश्री अनिमा टोप्पो
एबीएन सोशल डेस्क। लेंट काथोलिक चर्च के अनुसार एक महत्वपूर्ण धार्मिक अवधि है। यह पवित्र समय मसीही विश्वासियों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। इस विशेष काल में हम खीस्त विश्वासी उपवास, प्रार्थना, त्याग से अपने जीवन को और बेहतर बनाते हैं।
हम ईश्वर के मार्ग में चलने की कोशिश करते हैं। इससे हम पास्का पर्ब को योग्य रीती से मनाने के लिए तैयार होते हैं। हमारा संपूर्ण जीवन प्रकृति से जुड़ा है। सृष्टि के हर जीव जंतु मानव के जीवन को जीने के लिए प्रेरित करतें हैं और हौसल देते है।
हमारे पर्यावरण के पेड़ पौधे भी हमें अपने जीवन में आगे बढने के लिए हमें एक बड़ी अध्यात्मिक शिक्षा देती है। हमारे आस-पास एवं बगानों में, गर्मी के समय में ही पेड़-पौधें काफी तीव्र गति से और सबसे ज्यादा बढ़ते हैं।
पेड़ के सभी पत्तियां झड़ जाती हैं, ऐसा प्रतीत होता है मानो कि पेड़ का जीवन खत्म होने ही वाला है। परंतु ऐसा नहीं है। कुछ ही दिनों के बाद नई ऊर्जा के साथ उसकी ऊंचाइयां बढ़ने लगती है। उसमें नए-नए पत्ते लगते हैं, नई कलियां, फूल और फल आने लगते हैं। इस तरह से सब कुछ नया हो जाता है।
ठीक उसी प्रकार चालीसा काल हर ख्रीस्त विश्वासियों के लिए अपने जीवन के बुराइया रूपी पुरानी पतियों को अलग करने का समय है। तथा क्षमा, प्रेम, और लोगो की जरूरतमंद की सेवा और सहायता से अपने जीवन को नया और बेहतर बनाने का समय है।
इस तरह हम ईश्वर के साथ हमारा रिश्ता और मजबूत वा अधिक गहरा होता है तथा हम पास्का पर्व मनाने के लिए योग्य बनते हैं। (लेखिका प्रभात तारा मध्य विद्यालय, धुर्वा की शिक्षिका हैं।)