टीम एबीएन, रांची। सोशल मीडिया आज की तारीख में दोधारी तलवार है। लेकिन इसके प्रभाव और दुष्प्रभाव पर विमर्श आवश्यक है। भूगर्भ शास्त्र के प्रो उदय कुमार ने कहा कि हम आज की तारीख में सोशल मीडिया को नकार भी नहीं सकते हैं।
स्टूडेंट सर्किल के 26 वें वर्षगाठ के अवसर पर रेडियम रोड रांची स्थित संस्थान के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने इसके महत्व को रेखांकित किया। सोशल मीडिया पर मोती और कंकड़ दोनों हैं। अब आप पर निर्भर करता है कि आप क्या चुनते हैं।
उन्होंने बताया कि किस प्रकार सोशल मीडिया पर सूचना प्रकाशित होने से हजारीबाग जिले में स्थित हिमयुग का प्रतीक जो चैक डैम बनने से डूब रहा था, उसे डूबने से बचा लिया गया। सूचना के प्रसार में और सूचना के प्रसार को लेकर हमारे मन में होती जिजीविषा को मुकाम तक पहुंचाने का काम भी सोशल मीडिया बड़े ही बेहतर तरीके से कर रहा है।
उन्होंने स्टूडेंट सर्किल को भी सोशल मीडिया का प्रतीक बताते हुए कहा कि कई लोगों की जमात की बुद्धिमता ने मिलकर जिस प्रकार लोगों के बीच अपने ज्ञान का प्रसार किया उससे प्रसारित करने वाले और इससे लाभ उठाने वाले दोनों का कल्याण हुआ।
इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी अरविंद लाल ने कहा कि आज संस्थान के हजारों युवा विभिन्न प्रशासनिक पदों पर हैं। ये एक सामाजिक और मानवीय सोच के साथ काम कर रहें है जहां युवाओं का कल्याण समाज में समरसता और समाज के एक बड़े वर्ग की उम्मीद पर खरे उतरे हैं।
आर्थिक लाभ के बजाए सामाजिक सेवा और समाज के उत्तरोतर विकास को ध्यान में रखकर पूरी टीम ने काम किया। मौके पर संस्थान की निदेशिका रश्मि सिन्हा, खान सर, मुरलीधर, आनंद सर सहित कई लोगों ने विचार रखे। संस्थान आने वाले दिनों में प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के लिए युवाओं का मार्गदर्शन जारी रखेगा।