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योगी सरकार से शिक्षा में बड़ा सुधार

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योगी सरकार से शिक्षा में बड़ा सुधार
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डॉ दिलीप अग्निहोत्री

एबीएन एडिटोरियल डेस्क। योगी सरकार ने छह वर्ष में उत्तर प्रदेश में विकास के नये आयाम स्थापित किये हैं। इसमें शिक्षा भी शामिल है। माध्यमिक और बेसिक शिक्षा पर इतना ध्यान पहले कभी नहीं दिया गया।आपरेशन कायाकल्प योगी आदित्यनाथ की अभिनव योजना रही है। परिषदीय विद्यालयों में इंफ्रॉस्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए आपरेशन कायाकल्प के पहले चरण में किए गए प्रयासों में आशातीत सफलता मिली है। 

इस अवधि में परिषदीय विद्यालयों के इंफ्रॉस्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 11 हजार करोड़ रुपये खर्च किये गए। बेसिक शिक्षा परिषद तथा माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में एक लाख 64 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती की गई है। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में करीब साठ नये विद्यार्थियों का नामांकन हुआ। 

सितंबर तक प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के 2.36 लाख शिक्षकों को टैबलेट उपलब्ध कराये जायेंगे। शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी। टैबलेट में शासकीय कार्यक्रमों की योजनाओं के बारे में जागरुकता सामग्री प्री-लोडेड होगी। अब आपरेशन कायाकल्प के दूसरे चरण की शुरुआत की तैयारी शुरू हो रही है। इंफ्रॉस्ट्रक्चर के साथ शैक्षिक गुणवत्ता, पठन-पाठन का माहौल, तकनीकी दक्षता, डिजिटल लर्निंग और वोकेशनल शिक्षा की ओर बढ़ना होगा। 

विद्यालयों में एट ग्रेड लर्निंग की व्यवस्था होगी। मुख्यमंत्री अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालयों को प्रारम्भिक तौर पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लिया जायेगा। सभी जनपदों में एक विद्यालय मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय के रूप में विकसित किया जायेगा। प्रोजेक्ट अलंकार के तहत माध्यमिक विद्यालयों के जीर्णोद्धार कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जायेगा।

शासकीय के साथ-साथ वित्त पोषित अशासकीय विद्यालयों में संबंधित प्रबंध तंत्र के सहयोग से जीर्णोद्धार होगा। उत्तर प्रदेश के विकास पर नीति आयोग की रिपोर्ट चर्चा में है। इसके आधार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुशासन का आकलन किया जा सकता है। नीति आयोग की रिपोर्ट में कहा गया कि यूपी विकसित प्रदेश बनने की दिशा में अग्रसर है। छह वर्ष में साढ़े पांच करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आ चुके हैं। 

लोग समर्थ और सक्षम बन रहे हैं। नीति आयोग के निर्धारित मानकों में शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण था। नयी शिक्षा नीति लागू होने के बाद शिक्षा के सभी स्तरों पर व्यापक सुधार हुआ है। राज्य में 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के क्रमिक उन्नयन तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों को प्री-प्राइमरी के रूप में विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। 

इस क्रम में मुख्यमंत्री ने लोक भवन में बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को ड्रेस, स्वेटर, स्कूल बैग, जूता-मोजा एवं स्टेशनरी क्रय के लिए धनराशि का डीबीटी के माध्यम से अंतरण प्रक्रिया का शुभारंभ किया। इसके अलावा योगी सरकार ने नकल विहीन परीक्षा सुनिश्चित की गयी। इससे देश में यूपी की शिक्षा का महत्व और सम्मान बढ़ा है। शिक्षा में किया गया निवेश कभी व्यर्थ नहीं जाता।

शिक्षा देश और समाज के भविष्य को संवारने का माध्यम है। छह वर्ष पहले प्रदेश में मात्र बारह राजकीय मेडिकल कॉलेज थे। विगत छह वर्षों के प्रयास के बाद आज पैंतालीस जनपदों में सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। आज प्रदेश में 22 राज्य विश्वविद्यालय व तीन केंद्रीय विश्वविद्यालय संचालित हैं।

छत्तीस निजी विश्वविद्यालय, दो एम्स हैं। दो आईआईटी व आईआईएम संचालित हैं। दो हजार से अधिक पॉलिटेक्निक व वोकेशनल इंस्टीट्यूट भी संचालित हैं। कुछ दिन बाद हर जिले में विश्वविद्यालय नजर आयेंगे। (लेखक, स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं और ये उनके निजी विचार हैं।)

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