- द एलिफेंट व्हिस्परर्स और नाटु-नाटु ने आस्कर ही नहीं करोड़ों प्रशंसकों का दिल भी जीता
मुकुंद
एबीएन एडिटोरियल डेस्क। अमेरिका के लॉस एंजिल्स में भारतीय समयानुसार आज की सुबह कभी न भूलने वाली रही। हॉलीवुड के मशहूर डॉल्बी थियेटर में आयोजित आस्कर अवार्ड समारोह में भारत का नाम ऊंचा हो गया। भारतीय वृत्तचित्र द एलिफेंट व्हिस्परर्स ने डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट सब्जेक्ट श्रेणी में आस्कर जीतकर इतिहास रच दिया। इसे भारतीय सिनेमा के अमृतकाल का सबसे खास उपहार ही माना जाना चाहिए। यह तमिल भाषा में बनाया गया वृत्तचित्र है। इस दौड़ में और भी दिग्गज खिलाड़ी रहे। मगर कार्तिकी गोंजाल्विस निर्देशित ओटीटी मंच नेटफ्लिक्स के इस वृत्तचित्र ने इस श्रेणी में सबको मात दी।
यह वृत्तचित्र अपने प्रतिद्वंद्वियों हॉलआउट, हाउ डू यू मेजरमेंट ए ईयर, द मार्था मिशेल इफेक्ट और स्ट्रेंजर एट द गेट को मात देकर सबसे आगे रहा। कार्तिकी पर नाज इसलिए भी है कि उन्होंने इस पुरस्कार को अपनी मातृभूमि भारत को समर्पित किया। उन्होंने बहुत ही खूबसूरत संदेश दिया है। उन्होंने कहा-मैं आज यहां हमारे और प्रकृति के बीच के पवित्र बंधन, मूल निवासी समुदाय के लोगों के सम्मान और अन्य जीवित प्राणियों के प्रति सहानुभूति और अंतत: सह-अस्तित्व की ओर ध्यान आकर्षित करना चाहूंगी।
इस वृत्त चित्र के निमार्ता गुनीत मोंगा हैं। बड़ी बात यह है कि नेटफ्लिक्स ने इस वृत्तचित्र पर भरोसा जताते हुए अपना मंच प्रदान किया। द एलिफेंट व्हिस्परर्स हाथियों और उनकी देखभाल करने वालों के बीच के अटूट बंधन पर आधारित है। इसे सही मायने में हाथी मेरे साथी भी कहा जा सकता है।
वहीं इस बार का आस्कर समारोह भारतीय फिल्म आरआरआर के गीत नाटु नाटु के लिए भी खासे महत्व का रहा। नाटु नाटु ने भी आस्कर जीतकर इतिहास में नाम दर्ज करा लिया। नाटु नाटु ने अकादमी पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ मूल (तेलुगु मूल) गीत की श्रेणी में यह अवार्ड जीतकर फिल्म टेल इट लाइक अ वुमन के गीत अपलॉज, टॉप गन: मावेरिक के गीत होल्ड माई हैंड, ब्लैक पैंथर: वाकांडा फॉरएवर के लिफ्ट मी अप और एवरीथिंग एवरीवेयर आल एट वन्स के दिस इज ए लाइफ को शिकस्त दी।
तेलुगु गीत नाटु नाटु के संगीतकार एमएम कीरावानी गदगद हैं। इसे सुरों से पिरोने वाले काल भैरव और राहुल सिप्लीगुंज भी खुशी से नाच रहे हैं। नाटु नाटु का मतलब ही होता है नाचना। इस गाने को अभिनेता राम चरण और जूनियर एनटीआर पर फिल्माया गया है। पहले चर्चा थी कि अवार्ड समारोह में यही दोनों इसी गीत पर परफार्मेंस देंगे। लेकिन काल भैरव और राहुल सिप्लीगुंज ने समारोह में अपने इस गीत की बेहतरीन प्रस्तुति देकर दर्शक दीर्घा में बैठे लोगों को खड़े होकर तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। इस प्रस्तुति के दौरान आयोजकों ने मंच पर गीत के सेट को दिखाने की कोशिश की। बहुत कम लोगों को इसकी जानकारी है कि इस गीत की शूटिंग यूक्रेन की राजधानी कीव स्थित राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में हुई थी।