सत्यनारायण गुप्ता
एबीएन एडिटोरियल डेस्क। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस से ठीक 4 दिन पहले महिला आईपीएल शुरू हुआ है। जिसमें यह नारा लगा "यह तो बस शुरुआत है।" लेकिन शुरुआत तो बहुत पहले से हो चुकी थी। रजिया सुल्तान (महिला शासिका) झांसी की रानी लक्ष्मीबाई (स्वतंत्रता सेनानी) देविका रानी (फिल्मों में अभिनय) इंदिरा गांधी (राजनीति) शकुंतला देवी (गणितज्ञ) पीटी उषा (एथलिट) कल्पना चावला (अंतरिक्ष) रीता फारिया और सुष्मिता सेन (सौंदर्य प्रतियोगिता) की उपलब्धियों से आज की भारतीय महिला बहुत आगे निकल चुकी हैं।
पिछले वर्ष जब देश में अमृत महोत्सव वर्ष की शुरुआत हुई देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति मिली। खेल के मैदान में पीवी सिंधु, रिचा घोष, मीराबाई चानू, निखत जरीन, प्रियंका नूटक्की (शतरंज ग्रैंडमास्टर) प्रियंका मोहिते (800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली पांच पर्वत चोटियों पर चढ़ने वाले पर्वतारोही) ने देश का गौरव बढ़ाया। साथ ही पीटी ऊषा का भारतीय ओलंपिक संघ का पहली महिला अध्यक्ष बनना भी मील का पत्थर रहा।
वर्ष 2022 में हिंदी लेखिका गीतांजलि श्री को "रेत समाधि" के लिए बुकर पुरस्कार मिला। वहीं भारतीय लेखिका मीनाकंडा सामी को इंटरनेशनल" हर्मन कैस्टन पुरस्कार 2022" पुरस्कार प्राप्त हुआ।
वर्ष 2023 में उमी कमानी और अनुपमा रामचंद्रन की जोड़ी ने स्नूकर विश्व कप जीतकर तथा शेफाली वर्मा की कप्तानी में अंडर -19 टी 20 महिला विश्वकप जीतकर खेल जगत में भारत का परचम लहराया। वहीं भारत में जन्मी गीता गोपीनाथ आईएमएफ में चीफ़ इकाॅनोमिस्ट के पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला बनीं। केरल की सोम क्रिश्चियन कैलिफोर्निया कम्युनिटी कॉलेज सिस्टम का 11वां स्थाई चांसलर चुनी गयी। उधर अमेरिका से ही खबर है कि हो सकता है अगले राष्ट्रपति चुनाव में दो भारतीय मूल की महिलाओं में ही भिड़ंत हो। निकी हिली और कमला हैरिस के बीच।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत आज से 115 वर्ष पहले 1908 में हुई। 1908 में 8 मार्च के दिन अमेरिका में महिलाओं ने एक परेड का आयोजन किया था। उनकी मांग थी कि महिलाओं के काम के घंटे कम हो, वेतन अच्छा मिले और महिलाओं को वोट डालने का हक भी मिले। इसके एक वर्ष बाद अमेरिका की सोशलिस्ट पार्टी ने पहला राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का ऐलान किया। इसे अंतरराष्ट्रीय बनाने का ख्याल सबसे पहले क्लारा जेटकिन नाम की एक महिला के ध्यान में आया था।
उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का सुझाव 1910 में डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में कामकाजी महिलाओं के सम्मेलन में दिया था। पहला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2011 में मनाया गया। 2017 में रुस की महिलाओं के प्रदर्शन के बाद वहां के जार को पद से हटना पड़ा। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को औपचारिक मान्यता संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 1975 में दी गयी।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पहचान जामुनी रंग से होती है इसे इंसाफ और सम्मान का प्रतीक माना जाता है। कई देशों में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर राष्ट्रीय अवकाश रहता है। चीन में राष्ट्रीय परिषद के सुझाव पर बहुत से महिलाओं को 8 मार्च के को आधे दिन की छुट्टी दी जाती है। इटली में महिलाओं को 8 मार्च को सीमौसा फूल देकर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है।
अमेरिका में मार्च का महीना महिलाओं का महीना होता है। राष्ट्रपति की तरफ से घोषणा जारी की जाती है जिसमें अमेरिकी महिलाओं की उपलब्धियों का बखान किया जाता है। वर्ष 2023 में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के लिए संयुक्त राष्ट्र की थीम है : "एम्ब्रैस इक्विटी" जिसका अर्थ है लैंगिक समानता पर ध्यान देना।