टीम एबीएन, रांची। झारखण्ड सरकारी अंगीभूत महाविद्यालय बीएड शिक्षक संघ की आज दिनांक 15/01/2023 को आपातकालीन ऑनलाइन बैठक हुई। इसमें राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा सरकार के आदेश से सत्र 2005-06 से स्ववित्त पोषित योजना अंतर्गत संचालित बीएड कोर्स में कार्यरत सभी सहायक प्राध्यापक ने भी सेवा स्थायीकरण और पूर्ण वेतनमान देने की मांग राज्य सरकार से की है।
संघ के सभी शिक्षकों ने एक मत से कहा कि वे सभी अपने जीवन का बहुमूल्य योगदान न केवल बीएड कोर्स को झारखण्ड राज्य के अंगीभूत सरकारी महाविद्यालयों में उसे प्रारंभ करने में दिया है बल्कि हम सभी के प्रयास से ही बीएड जैसे शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का विकास और नियमित संचालन किया जा रहा है। जिससे अनेक झारखण्ड प्रदेश के मूलवासी छात्र सरकारी शिक्षक बनकर अपना भविष्य उज्ज्वल बनाते हुए राज्य का नाम भी रौशन कर रहे हैं। लेकिन लगभग 17 वर्ष बीत जाने के बाद भी कुल 22 सरकारी अंगीभूत महाविद्यालयों में संचालित बीएड कोर्स के सहायक प्राध्यापक छात्रों के द्वारा देय शुल्क से मिलने वाले मानदेय पर ही जीवन यापन को विवश है।
पूर्व की सरकारों से सेवा नियमित कर वेतनमान देने का आग्रह अनेकों बार किया गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। झारखण्ड मुक्ति मोर्चा की सरकार चुनाव पूर्व दिये गये वादे से सरकारी अंगीभूत महाविद्यालयों में कार्यरत बीएड शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी थी कि माननीय हेमंत सोरेन की सरकार में सभी अनुबंध कर्मियों को नियमित कर दिया जायेगा। लेकिन 14 जनवरी, 2023 को प्रकाशित अनुबंध कर्मियों के सेवा नियमितीकरण की सूची में 17 वर्षों से कार्यरत बीएड शिक्षकों के सेवा
नियमितीकरण का जिक्र नहीं होने से सभी बीएड सहायक प्राध्यापक मायूस हो गये और आपातकालीन ऑनलाइन बैठक कर यह निर्णय लिये कि तत्काल संबंधित सरकार के सभी अधिकारियों को इससे अवगत कराने हेतु ज्ञापन दिया जाये और सभी संबंधित विभागों के माननीय मंत्रियों, माननीय विधायकगण से सेवा स्थायीकरण की अनुशंसा करने के लिए अनुरोध पत्र सौंप कर सरकार के द्वारा सभी अनुबंधकर्मियों की सेवा स्थायीकरण योजना में शामिल करने का आग्रह करते हुए व्यक्तिगत रूप से सरकारी अंगीभूत महाविद्यालयों के बीएड सहायक प्राध्यापकों की सेवा स्थायी करवाने की पहल करने की मार्मिक अपील करेंगे।
इस ऑनलाइन बैठक में रांची विश्वविद्यालय से डॉ दीपक प्रसाद, रिमझिम तिर्की, डॉ मंजू कुमारी, प्रो सुजाता मजूमदार, डॉ सचिन कुमार, श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय रांची से डॉ अरविन्द कुमार मौर्या, विभावि हजारीबाग से डॉ शमशाद आलम, डॉ अनिमा लकड़ा, नंद किशोर सिंह, डॉ अरुणिमा सिंह, प्रो अभय दास, डॉ पंकज कुमार, विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय धनबाद से डॉ विजय कुमार विश्वकर्मा, डॉ राकेश कुमार, प्रो कल्याणी कुमारी, डॉ धर्मेंद्र कुमार वर्मा सिद्दो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय दुमका से प्रो महबूब आलम, प्रो बासुकी नाथ झा, डॉ मनोहर कुमार, प्रो हिमांशु शेखर महाकुर, डॉ अभय सिंह, प्रो उमा सिंह कोल्हान विश्वविद्यालय से प्रो गोपाल दास, डॉ इरशाद खान, प्रो जोशी किंडो, नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय से डॉ सुरेंद्र कुमार सहित सैकड़ों बीएड के अनुबंध पर कार्यरत सहायक प्राध्यापकों ने राज्य में अनुबंधकर्मियों की सेवा नियमितीकरण और स्थायीकरण के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन को हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के आदेश से ही हम सभी की नियुक्ति अनुबंध पर विश्वविद्यालय ने की है और हमलोग भी लंबे समय से लगातार अपनी सेवा देते आ रहे हैं और अब दूसरे नौकरी में आवेदन की उम्र भी खत्म हो चुकी है इसलिए बीएड शिक्षकों की सेवा स्थायी करते हुए पूर्ण वेतनमान दिया जाये।