एबीएन हेल्थ डेस्क। अफ्रीकन स्वाइन फीवर के बाद अब झारखंड में लंपी स्किन डिजीज की पुष्टि हो गयी है। राज्य के रांची और देवघर से लंपी स्किन डिजीज की पुष्टि के लिए बीमार और संदिग्ध मवेशियों का सैंपल जांच के लिए भोपाल भेजा गया गया था। जहां से आई रिपोर्ट में लंपी वायरस से हुए संक्रमण की पुष्टि हो गयी है।
राज्य में 6-7 जिलों में अलग अलग जगहों पर अभी-भी दर्जनों पशु एलएसडी के लक्षणों के साथ बीमार हैं। झारखंड में जानवरों की मौत की संख्या करीब दर्जनों में हैं। विभिन्न जिलों में अब तक दर्जन भर गाय व बछड़ों की मौत हुई है। झारखंड के पशुओं की इस बीमारी का मुख्य कारण लंपी वायरस (लंपी स्किन डिजीज) का संक्रमण ही है। अब इसकी पुष्टि आईसीएआर के एनआईएचएसएडी लेबारेटरी, भोपाल की जांच रिपोर्ट से हो गयी है।
राज्य में बड़ी संख्या में गोवंशीय पशुओं के लंपी स्किन डिजीज के लक्षण के साथ बीमार होने पर पशुपालन विभाग ने 19 सितंबर को संदिग्ध लंपी डिजीज के जानवरों से लिये गये 125 सैंपल लंपी की जांच के लिए भोपाल भेजा था। इस 125 सैंपल में से 82 सैंपल की जांच रिपोर्ट आ गई है, जिसमें से देवघर और रांची से लिये गए 28 सैंपल में लंपी वायरस की पुष्टि हुई है।
जांच रिपोर्ट भोपाल से आई है, उसमें रांची के 23 एवं देवघर के 05 सैंपल लंपी पॉजिटिव पाये गये हैं। रांची में ही अभी तक चान्हो, नगड़ी व खलारी, सोनाहातू में कई पशुओं की मौत हो चुकी है। रांची के जिन इलाकों से लिये गये सैंपल में एलएसडी की पुष्टि हुई है। उसमें इसमें शहर के साथ ही कुलगू, बंध्या, लोआडीह, कुटे, कामता, कोलंबा, दलादली, बारीडीह, बुढ़मू जैसे इलाके शामिल है।