टीम एबीएन, रांची। वर्ल्ड अल्जाइमर डे के मौके पर मेदांता रांची के न्यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टर विजय आनंद ने बताया कि अल्जाइमर मूलत: एक न्यूरोडीजेनरेटिव बीमारी है। जो आमतौर पर धीरे-धीरे शुरू होती है और अगर सही तरीके से इलाज न हो तो धीरे-धीरे बिगड़ती चली जाती है। इसके आम प्रारंभिक लक्षणों में हाल की घटनाओं को याद रखने में कठिनाई है। जैसे जैसे बीमारी बढ़ती है, लक्षण में भाषा के साथ समस्याएं, भटकाव, मिजाज और व्यवहार संबंधी समस्याएं शामिल होते जाती हैं।
मेदांता रांची के न्यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टर विजय आनंद बताते हैं, अल्जाइमर क्यों होता है? अभी इसको लेकर रिसर्च जारी हैं। इस बीमारी में मस्तिष्क की वह कोशिकाएं खत्म होने लगती हैं जिनमें याददाश्त स्टोर करने वाली कोशिकाएं होती है। बीमारी के होने पर लोग भूलने की बीमारी से ग्रसित होते हैं, फिर काम को भूलने लगते हैं। उसके बाद अपना नाम, सड़क का नाम, हाल-फिलहाल की घटनाओं को भूल जाते हैं। इसके अलावा चीजों को रख कर भूलना और समय, तारीख को भी याद नहीं रख पाते हैं।
डॉक्टर विजय बताते हैं कि इस बीमारी के लक्षण ज्यादातर बुजुर्गों में देखने को मिलता है। साठ साल के बाद लक्षण सामने आते हैं। हालांकि रेयर केस में कम उम्र के भी मरीज मिलते हैं लेकिन पोस्ट रिटायरमेंट मरीजों की संख्या ज्यादा होती है। वह यह भी बताते हैं कि अभी अल्जाइमर को लेकर सही इलाज की तलाश जारी है लेकिन डॉक्टर ऐसे रोग से ग्रसित मरीजों के लिए मेमोरी इन्हैंसर दवाएं देते हैं।
डॉ विजय बताते हैं कि आमतौर पर वैसे लोग जो अपनी जीवनशैली में काफी एक्टिव रहते हैं और एक समय विशेष के बाद उनकी एक्टिविटी में कमी होने लगती है, ऐसे लोगों को अल्जाइमर होने की संभावना ज्यादा होती है। हमेशा एक्टिव रहने वाले लोग अगर अपने दिमाग को एक्टिव रखें, जैसे अपने हॉबी को फॉलो करें, गेम या पजल खेलें, ग्रुप, डिस्कशन, योगा, प्राणायाम, स्पोर्ट्स एक्टिविटी पर ध्यान दें तो इस बीमारी से एक हद तक बचाव जरुर हो सकता है या अगर इस बीमारी के लक्षण आने लगते हैं तो उन लक्षणों को आने से कुछ देर तक रोका जा सकता है। खास बात यह है कि तनाव बिल्कुल न लें और अच्छी नींद जरूर लें। उन्होंने बताया कि मेदांता अस्पताल रांची में एक ही छत के नीचे सभी तरह की बीमारियों का गुणवत्तापूर्ण इलाज होता है। यहां अनुभवी डॉक्टरों की टीम है जो अत्याधुनिक तकनीक से मरीजों का इलाज करती है। देश और दुनिया की सबसे लेटेस्ट तकनीक और इलाज को यहां अपनाया जाता है।