टीम एबीएन, रांची। डेंगू एक वायरस जनित रोग है। यह चार प्रकार का होता है - डेंनवी-1, डेंनवी-2 डेंनवी-3 डेंनवी-4। डेंगू का वायरस मच्छरों के काटने से फैलता है। जब मच्छर डेंगू संक्रमित मरीज को काटकर दूसरे स्वास्थ्य व्यक्ति को काटता है तब भी डेंगू का संक्रमण फैलता है। इस बीमारी में सही टाइम पर सही इलाज मिलना बहुत ही जरूरी है। ये बातें मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, रांची के इंटरनल मेडिसीन के विशेषज्ञ डॉ नीलाभ कुमार सिंह ने डेंगू के बढ़ते मामले पर मीडिया से बातचीत के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि डेंगू के मुख्य लक्षणों में तेज बुखार, हड्डियों और जोड़ों में तेज दर्द, त्वचा पर लाल चकते, रक्त स्राव आदि लक्षण दिखते है। इसमें मरीज को इतना अधिक दर्द होता है कि इसे ब्रेक बोन फीवर भी कहते है। आम मौसमी बुखार में ये सब लक्षण नहीं होते हैं। इसमें अगर इलाज और परहेज नहीं हो तो मरीज की जान भी जा सकती है। डॉ सिंह बताते हैं कि यह एडिस इजिप्ती नामक मच्छर के काटने से फैलता है। ये मच्छर डेंगू वायरस के वाहक होते है। ये मच्छर दिन के समय काटते हैं। खासकर सुबह में और शाम होने से एक घंटे पहले के समय ज्यादा काटते हैं। ये आमतौर पर बरसात के बाद पनपते हैं। इससे बचने के लिए सबसे जरूरी है कि अपने घर के आसपास बरसात का पानी जमा नहीं होने दें। कूलर या किसी अन्य चीज में साफ पानी लंबे समय तक जमा नहीं रहे। याद रखें इसका मच्छर साफ पानी में पनपता है। डेंगू का मच्छर अक्सर दिन के समय काटता है। इसलिए दिन में मच्छरों के काटने से खुद को बचाएं। इन दिनों फुल बाजू के कपड़े और पावों में जूते पहन कर रहें। शरीर को कहीं से भी खुला ना छोड़ें। रात में सोते समय मच्छरदानी लगाना बचाव का सबसे सही तरीका है। मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, रांची के इंटरनल मेडिसीन के विशेषज्ञ डॉ नीलाभ कुमार सिंह ने कहा कि डेंगू में मरीज को तेज दर्द होता है। इसमें सेल से तेजी से प्लाज्मा लिकेज होने लगता है जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इसमें लिक्विड डाइट और पानी अधिक लेना चाहिए। यह चार से पांच दिन तक रहता है। इसमें मरीज का विशेष ख्याल रखने की जरुरत होती है। अधिक परेशानी होने पर अपने नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करना जरुरी होता है। डॉ नीलाभ कुमार सिंह कहते हैं कि मेदांता अस्पताल रांची में डेंगू का बेहतर इलाज उपलब्ध है। यहां अनुभवी डॉक्टरों द्वारा आधुनिक तकनीक से मरीजों का इलाज किया जाता है। देश और दुनिया की सबसे लेटेस्ट तकनीक और इलाज को यहां अपनाया जाता है।