टीम एबीएन, रांची। जंकफूड या फास्टफूड हमारी हड्डियों को नुक्सान पहुंचा रहा है। जब हम जंकफूड खाते हैं तब हमारी हड्डियों के लिए जरूरी प्रोटीन, कैल्सियम, विटामिन और मिनरल्स नहीं मिल पाता है। इससे हड्डी कमजोर होने लगती है। खराब जीवनशैली, एक्सरसाइज नहीं करना और खानपान की आदतों में बदलाव के कारण इन दिनों युवाओं में हड्डियों से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही हैं। ये बातें नेशनल बोन एंड ज्वाइंट डे पर मेदांता अस्पताल रांची के आर्थोपेडिक्स सर्जन डॉ नीलेश मिश्रा ने कही। उन्होंने कहा कि स्कूल, कालेज, घर और कार्यालय में ज्यादातर समय बीताने के कारण बच्चों से लेकर युवा वर्ग नियमित एक्सरसाइज, खेलकूद से दूर हो जाते हैं। धूप में न निकलने के कारण विटामिन डी भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाता है। इससे हड्डियां कमजोर होती जाती हैं। मेदांता अस्पताल रांची के आथोर्पेडिक्स सर्जन डॉ नीलेश मिश्रा ने कहा कि पहले हड्डियों से जुड़ी जो बीमारी बुढ़ापे में होती थी वह अब युवाओं में भी होने लगी हैं। ऐसे में नेशनल बोन एंड ज्वाइंट डे का मकसद लोगों को हड्डियों के स्वास्थ्य को लेकर जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि हड्डियों के स्वास्थ्य को लेकर महिलाओं को खासतौर से जागरूक होना होगा। आज भी ज्यादातर महिलाएं अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं देती हैं। वे पूरे घर का ख्याल रखती हैं लेकिन खुद का नहीं। हड्डियों के लिए जरूरी आहार जैसे दूध और इसके उत्पाद, दाल, हरी सब्जियां, अगर शाकाहारी नहीं हैं तो, रोज एक अंडा आदि खाना चाहिए। महिलाओं को ज्यादा प्रोटीन, कैल्सियम और विटामिन डी की जरूरत है। हड्डियों के स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं देने के कारण ही ज्यादातर महिलाएं उम्र बढ़ने पर घुटने और मांसपेशियों के दर्द से परेशान रहती हैं।