हेल्थ
बच्चों को 12 जानलेवा बीमारियों से बचाता है टीका
ABN Bureau
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27 Jul, 2022
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टीम एबीएन, मेदिनीनगर, (पलामू)। टीका 12 तरह की जानलेवा बीमारियों से बचाव करता है। किसी बीमारी के विरुद्ध प्रतिरोधात्मक क्षमता (इम्यूनिटी) विकसित करने के लिए जो दवा खिलाई/पिलाई या किसी अन्य रूप में दी जाती है, उसे टीका (वैक्सीन) कहते हैं। यह क्रिया ही टीकाकरण (वैक्सीनेशन) कहलाती है। संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए टीकाकरण सर्वाधिक प्रभावी विधि मानी जाती है। यह जानकारी बुधवार को एएनएम को दी गई। सिविल सर्जन सभागार में सभी प्रखंडों से 2-2 एएनएम को रिफ्रेशर कोर्स में नियमित टीकाकरण से सम्बंधित प्रशिक्षण दिया गया। बच्चों को ससमय टीका के माध्यम से प्रतिरक्षित करने एवं समुदाय को गुणवत्तापूर्ण सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर सभी एएनएम का रिफ्रेशर ट्रेनिंग कराया जा रहा है। मौके पर प्रभारी डीआरसीएचओ डॉ. रजी, यूनिसेफ के क्षेत्रीय समन्वयक मनीष प्रियदर्शी, वीसीसीएम अमित कुमार ने प्रशिक्षण दिया। केके शर्मा द्वारा सभी प्रशिक्षणार्थियों को टीकाकरण के रिपोर्टिंग से सम्बंधित जानकारी दी गई।
इन 12 बीमारियों से बचाता है टीका : बीसीजी का टीका बच्चों को टीबी से बचाव करता है। यह टीका बच्चे के जन्म के समय दिया जाता है। पेंटावैलेंट टीका बच्चों को पांच घातक रोगों से बचाता है। इनमें गलघोंटू, परटूसिस (काली खांसी), टेटनेस, हेपेटाइटिस बी और हिमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप बी (हिब) रोग से बचाव करता है। ओपीवी और एफआईपीवी का टीका पोलियो से बचाव करता है। रोटा का वैक्सीन बच्चों को रोटा वायरस से होने वाले डायरिया से बचाव करता है। पीसीवी का टीका निमोनिया से बचाव करता है। एमआर का टीका खसरा और रूबेला से बचाव करता है। जेई का टीका बच्चों को जापानी इंसेफ्लाइटिस से बचाव करता है। बीसीजी, हेपेटाइटिस-बी का टीका बच्चों को जन्म के 24 घण्टे अंदर एवं ओपीवी 0 जन्म के 15 दिनों के अंदर दिया जाता है। ओपीवी, पेंटा, पीसीवी, रोटा, एफईपीवी का टीका डेढ़ महीने में दिया जाता है। ओपीवी, पेंटा, रोटा का दूसरा डोज ढाई महीने में, ओपीवी, पेंटा, रोटा का तीसरा डोज व पीसीवी व एफआईवी का दूसरा डोज साढ़े तीन महीने में और एमआर, जेई, पीसीवी बूस्टर का टीका 9 महीने में पड़ जाने पर फुल इम्यूनाइजेशन और 16 से 24 महीने के अंदर डीपीटीबी, ओपीवीबी, जेई और एमआर का दूसरा डोज पड़ जाने को कम्पलीट इम्यूनाइजेशन कहते हैं। टीकाकरण पूरी तरह से सुरक्षित है।
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