दिल्ली आ चुके मंकीपॉक्स पर जानें डॉक्टरों की जानें सलाह; लक्षण भी पहचान लें...
ABN Bureau• 26 Jul, 2022
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एबीएन हेल्थ डेस्क। कोरोना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ कि मंकीपॉक्स नाम की बीमारी ने देश में दस्तक दे दी है। केरल के बाद राजधानी दिल्ली में भी इस वायरस से ग्रस्त एक मरीज एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती है। अफ्रीका और यूरोप के कई देशों में हजारों लोगों को संक्रमित करने के बाद यह बीमारी भारत आई है और देश के कई शहरों में इससे लड़ने की तैयारी की जा रही है। पूरे शरीर पर लाल दाने उभरने के अलावा इस बीमारी के लक्षण क्या हैं, कैसे यह यह वायरल फैलता है और सेक्स से इसका क्या कनेक्शन है। आइए हम आपको मंकीपॉक्स से जुड़े हर सवाल का जवाब आपको बताते हैं। मंकीपॉक्स से संक्रमित शख्स के संपर्क में आने से यह वायरल एक से दूसरे शख्स तक पहुंचता है। खास तौर पर यदि संक्रमित व्यक्ति के शरीर पर उभरे दानों को छूने पर। मंकीपॉक्स से संक्रमित व्यक्ति को छूने के अलावा उसके कपड़े, टॉवल, बिस्तर आदि साझा करने पर भी यह संक्रमण फैलता है। करीब बैठे संक्रमित की छींक या खांसी से निकले ड्रॉपलेट्स से भी यह संक्रमण एक से दूसरे व्यक्ति को हो सकता है।
मंकीपॉक्स के लक्षण संक्रमित होने के 5 से 21 दिन के भीतर दिखाई पड़ते हैं। मंकीपॉक्स संक्रमण के बाद तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द, कमर दर्द, ठंड लगना और थकावट जैसे प्राथमिक लक्षण दिखाई पड़ते हैं। इसके बाद शरीर पर चकते और लाल दाने दिखाई पड़ते हैं। चेहरे के अलावा शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी यह दिखाई देते हैं। गुप्तांगों पर भी दाने निकलते हैं। कुछ सप्ताह बाद ये लक्षण आमतौर पर ठीक हो जाते हैं।
मंकीपॉक्स संक्रमण किसी को भी हो सकता है। हालांकि, इसका सेक्स कनेक्शन भी सामने आया है। अभी तक दुनिया में इसके जितने केस आए हैं, उनमें से अधिकतर पुरुष हैं और गे हैं, यानी दूसरे पुरुषों के साथ उन्होंने शारीरिक संबंध बनाए थे। डॉक्टर राम मनोहर लोलिया हॉस्पिटल में त्वचा रोग विभाग के प्रमुख डॉ करीब सरदाना ने भी टाइम्स ऑफ इंडिया में लिखे लेख में लोगों को मंकीपॉक्स से जुड़ी जानकारी देते हुए सुरक्षित सेक्स की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि मंकीपॉक्स और अनसेफ सेक्स के बीच संबंध सामने आ रहा है। उन्होंने बताया कि जर्नल ऑफ मेडिकल वायरोलॉजी ने यूरोप और यूके के छह क्लस्टर के विश्लेषण में पाया है कि यह संक्रमण अधिकतर पुरुषों को हुआ है और चेहरे, पैर या हाथ से अधिक गुदा और अन्य गुप्तांगों पर इसका असर देखा गया है। यूके और न्यूयॉर्क सिटी के डेटा के बाद सेक्सुअल कॉन्टैक्ट को लेकर गाइडलाइंस जारी किए जा रहे हैं। खासतौर पर कंडोम के इस्तेमाल की सलाह दी जा रही है। उन्होंने कहा है कि संक्रमण फैलने का एकमात्र रास्ता नहीं है, बल्कि किसी भी तरह से करीबी संपर्क से यह संक्रमण फैल सकता है। कोरोना की तरह मंकीपॉक्स से बचाव के लिए भी डॉक्टर बार-बार हाथ धोने और सैनिटाइजर्स के इस्तेमाल की सलाह दे रहे हैं। अपने पार्टनर से सेक्सुअल हेल्थ के बारे में बात करें और सुनिश्चित कर लें कि किसी तरह का कोई लक्षण तो नहीं। यदि मंकीपॉक्स का कोई भी लक्षण हो तो सेक्स और दूसरे किसी व्यक्ति से संपर्क ना बनाएं। यदि किसी में लक्षण दिख रहा तो बिस्तर या टॉवल साझा न करें। एक मीटर से अधिक की दूरी बनाकर रखें। बीमार और लावारिश पशुओं से दूरी रखें। जिन देशों में मंकीपॉक्स के केस अधिक हैं, वहां जाने से परहेज कर सकते हैं।