टीम एबीएन, रांची। किडनी के क्रोनिक मरीजों जिन्हें डायलिसिस की जरूरत होती है उनका सबसे बेहतर इलाज समय रहते ट्रांसप्लांट है। ट्रांसप्लांट करवा लेने से उन्हें गुणवत्तापूर्ण जीवन मिलता है और डायलिसिस से छुटकारा मिलता है। मरीज की बीमारी के इलाज में अच्छे परिणाम मिलते हैं। ये बातें मेदांता अस्पताल रांची में आयोजित मेदांता पेशेंट कनेक्ट इनिशिएटिव में अस्पताल के नेफ्रोलॉजिस्ट और रीनल ट्रांसप्लांट फिजिशियन डॉ अमित कुमार ने कही। वे अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग की ओर से किडनी के मरीजों और उनके परिजनों के लिए आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि किडनी के मरीज अगर बेहतर इलाज करवाएं, अपनी दवाएं लेते रहे और संतुलित जीवनशैली अपनाएं तो लंबे समय तक बीमारी को नियंत्रण में रख सकते हैं। अगर डायबिटीज और ब्लड प्रेशर की समस्या है तो इसे नियंत्रित रखें। सूजन की समस्या है तो अपने डॉक्टर से मिलकर जांच और इलाज करवाएं। नियमित रूप से डॉक्टर के संपर्क में रहें। डॉक्टर की दी हुई दवाएं लेते रहे। उन्होंने कहा कि किडनी के मरीज जो डायलिसिस पर है, उन्हें और उनके परिजनों रहना जरूरी है। ऐसे लोग अपने आसपास के दूसरे मरीजों और उनके परिजनों को भी जागरूक करें। मौके पर उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों के विभिन्न सवालों का भी जवाब दिया। मौके पर डॉ अमित कुमार के साथ ही डॉ सिद्धार्थ मिश्रा ने भी मरीजों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि डायलिसिस पर कैसे रहा जाए। मेदांता अस्पताल रांची के डायरेक्टर डॉ विश्वजीत ने मेदांता पेशेंट कनेक्ट इनिशिएटिव कार्यक्रम में शामिल डॉक्टरों को बधाई देते हुए बताया कि आगे भी अन्य विभागों के लिए मेदांता पेशेंट कनेक्ट इनिशिएटिव कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे। उन्होंने कहा कि मेदांता रांची में सभी तरह का सुपर स्पेशियलिटी इलाज मौजूद है। इसके लिए अब दूसरे बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं है। यहां एक ही छत के नीचे सभी तरह का अत्याधुनिक इलाज अनुभवी डॉक्टरों द्वारा किया जाता है। मेदांता अस्पताल रांची ने बहुत कम समय में गुणवत्तापूर्ण इलाज से एक खास पहचान बनाई है। अब झारखंड के मरीजों को रांची में ही बेहतरीन इलाज मिलने लगा है। मेदांता अस्पताल रांची इलाज के साथ ही मरीजों को जागरूक करने की अपनी जिम्मेदारी भी बखूबी निभा रहा है।