टीम एबीएन, रांची। कोविड के केस एक बार फिर से बढ़ रहे हैं। इस बार पूर्व की तरह पाबंदियां भी नहीं हैं। स्कूल, बाजार, दफ्तर सभी खुले हैं। ऐसे में हमें इससे बचने के लिए विशेष रूप से सावधान रहना होगा। इसके लिए जरूरी है कि कोविड के अनुरूप व्यवहार करें। मास्क जरूर लगाएं, हाथों को धोते रहें या सैनेटाइज करें और भीड़ में जाने से परहेज करें। ये बातें शुक्रवार को मेदांता अस्पताल रांची की डॉ देवदत्ता बंधोपाध्याय ने कही। उन्होंने कहा कि इन दिनों फिर एक बार कोविड के केस बढ़े हैं, ऐसे में इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भी अब तक वैक्सीन की बूस्टर डोज नहीं ली है और उन्हें यह मिलने का समय हो गया है तो तुरंत ले लें। बूस्टर डोज अब दूसरी डोज लेने के छह माह बाद ही मिलने लगी है। इससे गंभीर बीमारी और हॉस्पिटल में भर्ती होने का खतरा कम होगा। उन्होंने कहा कि कोविड का खतरा उन लोगों को ज्यादा होता है जिन्हें कोई क्रोनिक बीमारी है जैसे हार्ट एवं क्रोनिक लंग, किडनी कैंसर, अनियंत्रित डायबिटीज आदि। जिन्होंने अब तक वैक्सीन नहीं ली है या इसकी डोज पूरी नहीं की है उन्हें भी खतरा है। ऐसे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। डॉ देवदत्ता बंधोपाध्याय ने कहा कि अगर कोविड हो जाता है तो सबसे पहले खुद को आइसोलेशन में रखें। मास्क लगा कर रहें। हर छह घंटे पर अपना बुखार, आक्सीजन लेवल, हार्ट रेट चेक करते रहे। तीन दिन से ज्यादा बुखार हो, तेज सरदर्द हो, छाती में दर्द हो या सांस लेने में दिक्कत हो तो डॉक्टर से मिलकर इलाज करवाएं। उन्होंने बताया कि मेदांता अस्पताल रांची में एक ही छत के नीचे सभी तरह की बीमारियों का गुणवत्तापूर्ण इलाज होता है। यहां अनुभवी डॉक्टरों की टीम है जो अत्याधुनिक तकनीक से मरीजों का इलाज करती है।