एबीएन हेल्थ डेस्क। भारत में एक बार फिर कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। इसको देखते हुए कई राज्यों ने हटाए गए कोरोना प्रतिबंधों को फिर से लागू कर दिया है और सख्ती से इनका पालन करने का निर्देश जारी किया है। अभी स्थिति फिलहाल कंट्रोल में हैं। लेकिन जैसे-जैसे मामले बढ़ते जा रहे हैं, उससे संभावना जताई जा रही है कि भारत में चौथी लहर दस्तक देने वाली है। हालांकि वायरोलॉजिस्ट और क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज वेल्लोर के पूर्व प्रोफेसर डॉ जैकब जॉन का कहना है कि चौथी लहर के आने के आसार बेहद कम हैं। डॉ जैकब जॉन ने कहा कि भारत में कोरोनावायरस की चौथी लहर की संभावना बहुत कम है। यह पूछे जाने पर कि कुछ राज्यों में कोविड-19 संक्रमण के मामले क्यों बढ़ रहे हैं? वायरोलॉजिस्ट ने कहा कि दिल्ली और हरियाणा में पिछले दो से तीन हफ्तों से कोविड-19 केस में वृद्धि दर्ज की जा रही है। लेकिन यह बढ़ोतरी ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि कोई भी राज्य कोरोना मामलों में वृद्धि की सूचना नहीं दे रहा है। भारत में मार्च और अप्रैल के दौरान सामने आए मामलों की संख्या पहले की तुलना में काफी कम है।
चौथी लहर की संभावना बेहद कम : जैकब जॉन ने कहा, दिल्ली और हरियाणा में पिछले दो से तीन हफ्तों के दौरान संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। हालांकि यह ज्यादा दिनों तक बरकरार नहीं रहेगा। दिल्ली में एक हजार केस प्रति 5 लाख आबादी के बराबर है। वायरोलॉजिस्ट ने दोहराया कि चौथी लहर की संभावना बेहद कम है। डॉ जॉन ने कहा, अगर चौथी लहर आती है तो यह आश्चर्य की बात होगी। अभी इसको लेकर अनुमान नहीं लगाया जा सकता। हालांकि चौथी लहर की संभावना बहुत कम है। ऐसा इसलिए क्योंकि कोरोना के खिलाफ वैक्सीनेशन कवरेज बहुत ज्यादा हो चुका है। कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी लाने के लिए क्या करना चाहिए? इस सवाल के जवाब में जॉन ने कहा, मास्क का लगातार इस्तेमाल करना चाहिए। यह कारगर है। यह पूछे जाने पर कि क्या स्कूलों को बंद कर दिया जाएगा क्योंकि कई राज्यों में बच्चे बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इसपर उन्होंने कहा, बिल्कुल भी नहीं। स्कूल खुले रहने चाहिए।
बूस्टर डोज लेने वाले 70% लोग नहीं हुए संक्रमित : इस बीच, कोरोना वायरस पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की राष्ट्रीय टास्क फोर्स के सह-अध्यक्ष डॉक्टर राजीव जयदेवन के नेतृत्व में किए गए अध्ययन में कहा गया है कि भारत में कोविड-19 वैक्सीन की बूस्टर डोज लेने वालों में से 70 प्रतिशत लोग महामारी की तीसरी लहर के दौरान कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं हुए। रिसर्च के मुताबिक, वैक्सीनेशन कराने वाले लेकिन बूस्टर डोज नहीं लेने वाले 45 प्रतिशत लोग तीसरी लहर के दौरान कोरोना वायरस से संक्रमित हुए।