एबीएन हेल्थ डेस्क। कोरोना और "ओमीक्रोन" को मात देने के लिए DCGI ने 45 मिनट में पता लगाने वाले किट "क्रिया मेडिकल टेक्नोलॉजीज" को मंजूरी दे दी है। भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) मेडिकल प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी "क्रिया मेडिकल टेक्नोलॉजीज" को आरटी-पीसीआर किट "क्रिविडा नोवस" बनाने के लिए लाइसेंस को मंजूरी दे दी है। यह किट ओमीक्रोन वैरिएंट और उससे जुड़े अन्य सब-वैरिएंट का केवल 45 मिनट में पता लगा सकती है।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं संस्थापक अनु मोतुरी ने बताया गया कि इस किट को खरीदने के लिए 150 रुपए और इस पर लगने वाला कर देना होगा। बयान में कहा गया कि यह किट हवाई अड्डों में प्रवेश बिंदुओं पर जांच के लिए सबसे उपयुक्त और किफायती है।
कंपनी ने कहा कि वह किट को चेन्नई स्थित अपनी विनिर्माण सुविधा से शुरू करेगी। कंपनी के पास वर्तमान में प्रति माह 50 लाख जांच किट के उत्पादन की क्षमता है और अगले दो हफ्तों के भीतर इसे बढ़ाकर एक करोड़ जांच किट प्रति माह करने की योजना है।