टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक- 11.02.2022 को आयुष निदेशालय, नामकुम में यूनानी दिवस मनाया गया जिसमें जनाब हकीम अजमल खान को याद किया गया। हकीम अजमल खान का जन्म 11 फरवरी 1868 को हुआ था, उन्ही को याद कर 11 फरवरी को यूनानी दिवस प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है। भारत सरकार आयुष मंत्रालय द्वारा 11 फरवरी को 2017 से यूनानी दिवस मनाया जाने लगा है। यूनानी दिवस मनाने का उद्देश्य-यूनानी चिकित्सा जो एक प्राचीन चिकित्सा पद्धति है, जिससे मूल रूप से औषधिय पौधो के माध्यम से ईलाज किया जाता है। इस पद्धति के बताये गये सिद्वान्तों से हम स्वस्थ एवं रोग मुक्त रह सकते हैं। साथ ही राज्य की आम जनता को विलुप्त हो रहे यूनानी पद्धति के बारे में लोगो को जागरूक करना है। हकीम अजमल खान आजीवन यूनानी चिकित्सा पद्धति के विकास के लिए संघर्ष करतें रहे। उन्होने करोल बाग दिल्ली में आयुर्वेदिक यूनानी कालेज की स्थापना किया। वे कांग्रेस के निर्वाचित अध्यक्ष थे। मुस्लिम लीग तथा जामिया इसलामिया विश्वविद्यालय के संस्थापक थे। कार्यशाला को संबोधित करते हुए डा0 फजलुस समी, निदेशक आयुष ने यूनानी चिकित्सा पद्धति के महत्व को बताते हुए गुड हेल्थ एवं वेलनेस पर प्रकाश डाला साथ ही यूनानी पद्धति का जीवन में प्रसन्नता, सम्पन्न्ता के बारे में जानकारी दी। साथ ही साथ राज्य योग केंद्र रांची में भी डॉ मुकुल कुमार दिक्षित के द्वारा यूनानी दिवस का आयोजन किया गया। मंच संचालन डॉ अमरेन्द्र कुमार पाठक ने किया, डॉ मुकुल कुमार दिक्षित, डॉ जफर इकबाल, डॉ अनुज कुमार मंडल, विमल कुमार केशरी, डॉ सच्चिदानंद सिंह, डॉ अशोक पासवान, मो अबुतलहा अलतमश, अमन कुमार सिंह, डॉ अर्चना कुमारी एवं निदेशालय के सभी कर्मी उपस्थित थे।