एबीएन हेल्थ डेस्क। डॉक्टर रामदेव प्रसाद ने योग के बारे में चर्चा करते हुए बताया कि सबके लिए स्वस्थ-सुखद जीवन के लिए अनेक आवश्यकताओं में सहज-सुलभ आसन, व्यायाम, प्राणायाम भी बहुत महत्वपूर्ण,अनमोल व अपेक्षित है।
आज गायत्री शक्तिपीठ सेक्टर टू धूर्वा परिसर में सुबह 90 मिनट तक विश्व योग दिवस समारोह मनाया गया। इसमें बहुत बुजुर्ग वरिष्ठ योगाचार्य महाशय डाक्टर रामदेव प्रसाद जी 88 वर्ष के सानिध्य में मनाया गया।
शुभारंभ गायत्री महामंत्र के सस्वर पाठ, गुरु-ईश ध्यान वंदना से हुआ। इस क्रम में सबके लिए स्वस्थ-सुखद जीवन के सहज सुलभ आसन, व्यायाम, प्राणायाम पर अपेक्षित लाभ बताते हुए अनेक प्रकार का योगासन अभ्यास क्रम कराये।
अ से आ तक के एक नये क्रम में पैर की अंगुली से लेकर आंख तक का अभ्यास कराया। शरीर के मांस पेशियों को वार्म अप कराया और पैरों की अंगुली की तकलीफ,दर्द से लेकर पंजों, घुटनों, कमर, कलाई, कोहनी, कंधा, छाती, गर्दन, जबड़ा, मुंह, पेट दर्द निवारण, गैस आदि में राहत, दांत, कान, जीभ, सिर आंख, गाल, चेहरा आदि सभी के सही संचालन, स्वस्थ-सुखद तन-मन के लिए लाभदायक आसनों की चर्चा कर बताये/ कराये।
इसके बाद प्राणायाम,आर्ट आॅफ लिविंग, पतंजलि योग की चर्चा करके इड़ा, पिंगला, सुषुम्ना, नाड़ियों की गतिविधि, पूरक, कुंभक, रेचक, प्राणाकर्षक, प्राणायाम का असंदिग्ध लाभ, सावधानी पूर्वक अभ्यास का पुट, सूत्र की चर्चा कर कराया।
इसके बाद हमारे प्रान्तीय सहायक जोन समन्वयक व रांची जिला समन्वयक, वरिष्ठ व्यवस्था सहयोगी शारदा प्रसाद व महिला मंडल प्रतिनिधियों ने इन सब के साथ प्रज्ञा योग अभ्यास की चर्चा करके सभी लाभार्थी अभ्यास कर्ता साधक- शिष्य व भाई-बहनों को सराहा। अंत मे महाशय योगाचार्य जी का अभिनंदन, सम्मान तिलक वंदन, रक्षा सूत्र, स्वस्तिवाचन पाठ व गायत्री मंत्र चादर ओढ़ाकर किया गया और खूब खूब सराहा तथा धन्यवाद व्यक्त किये।
आयोजन में शक्तिपीठ परिवार के भाई-बहन व परिव्राजक टीम ने सभी व्यवस्था में योगदान किए। विश्व कल्याण, परमार्थ के लिए शुभ कामना सहित शांति पाठ कर समापन हुआ। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के जय नारायण प्रसाद ने दी।