- योगासन भारत का उद्देश्य ऐसे निर्णायक तैयार करना है जो निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें : डॉ जयदीप आर्य
- धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में राष्ट्रीय योगासन जज प्रशिक्षण शिविर का भव्य आयोजन; देश को मिले 157 योगासन के नये तकनीकी जज
एबीएन सेंट्रल डेस्क। योगासन भारत, जो युवा मामले एवं खेल मंत्रालय से अनुबंधित राष्ट्रीय खेल महासंघ है, द्वारा हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित गीता ज्ञान संस्थान में आयोजित पांच दिवसीय नेशनल योगासन जज ट्रेनिंग प्रोग्राम का सफलतापूर्वक एवं भव्य समापन हुआ।
8 फरवरी से 12 फरवरी 2026 तक चले इस सघन प्रशिक्षण शिविर में देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों ने योगासन खेल के वैश्विक मानकों, तकनीकी नियमों एवं निर्णायक की बारीकियों का गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण के माध्यम से देश को 157 नए प्रशिक्षित एवं प्रमाणित तकनीकी जज प्राप्त हुए। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ 8 फरवरी को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रोफेसर वीरेंद्र पाल द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि योगासन को एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में सशक्त बनाने के लिए तकनीकी रूप से दक्ष एवं निष्पक्ष जजों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जज का निर्णय खिलाड़ी के भविष्य की दिशा निर्धारित करता है, अत: इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम समय की आवश्यकता हैं।
12 फरवरी को समापन समारोह में हरियाणा योग आयोग के चेयरमैन एवं वर्ल्ड योगासन तथा योगासन भारत के महासचिव डॉ. जयदीप आर्य मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने सफल प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा, प्रधानमंत्री के प्रयासों से योगासन आज एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में स्थापित हो चुका है। योगासन भारत का उद्देश्य ऐसे निर्णायक तैयार करना है जो निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें। किसी भी खेल में निष्पक्षता ही उसकी आत्मा होती है।
नेशनल योगासना जज योगाचार्य महेश पाल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस राष्ट्रीय शिविर की तकनीकी देखरेख योगासन भारत के कोषाध्यक्ष एवं तकनीकी निदेशक रचित कौशिक ने की। कार्यक्रम के सफल संचालन में हरियाणा योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सचिव डॉ. युद्धवीर, योगासन भारत के कार्यालय प्रबंधक राम चावला तथा विभिन्न राज्यों से पधारे रिसोर्स पर्सन्स का विशेष योगदान रहा। सभी प्रतिभागियों ने राज्य स्तरीय सूर्यनमस्कार अभियान के समापन समारोह में भी सहभागिता की, जिसमें उन्हें योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त हुआ।
पांच दिनों तक चले इस प्रशिक्षण शिविर में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ प्रायोगिक सत्रों के माध्यम से जजों की लिखित एवं व्यावहारिक परीक्षा भी ली गई। पावन एवं आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न इस कार्यक्रम ने भारतीय योगासन खेल के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक सशक्त एवं मजबूत नींव स्थापित की है। अंत में डॉ युद्धवीर ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।