- योग से प्रशिक्षु पदाधिकारियों के समग्र स्वास्थ्य पर बहुत अच्छा प्रभाव : डॉ मनीष रंजन (महानिदेशक, श्री कृष्ण लोक प्रशासन संस्थान रांची)
- योग व्यक्ति के जीवन स्तर को समृद्ध करता है : संन्यासी मुक्तरथ (अध्यक्ष, सत्यानन्द योग मिशन, रांची)
टीम एबीएन, रांची। झारखण्ड सिविल सेवा के कुल तीन सौ बयालीस (342) प्रशिक्षु पदाधिकारियों को संस्थागत प्रशिक्षण के साथ योगाभ्यास प्रशिक्षण को अनिवार्य रूप से दिया गया है। रांची स्थित एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट में अभी चल रहे नवनियुक्त 342, प्रशिक्षु पदाधिकारियों को उनकी शारिरिक तंदुरूस्ती और मानसिक स्वास्थ्य के लिये पूरे प्रशिक्षण काल में पीटी के साथ योग का प्रशिक्षण दिया गया है।
स्वामी मुक्तरथ जी ने कहा कि अधिकारियों की संख्याबल को देखते हुए दो योग प्रशिक्षक को लगाया गया ताकि उन्हें योग का पूरा लाभ मिल सके। लगभग डेढ़ महीने तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में अधिकारियों ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि योग से इस ठंढ के मौसम में हमलोगों को बहुत ज्यादा लाभ मिला, दिन भर स्फूर्ति बनी रहती थी और मन तरोताजा रहता था। इसे हमलोग अपने जीवनचर्या में शामिल करेंगे।
मुक्तरथ जी ने कहा कि महानिदेशक डॉ मनीष रंजन प्रशिक्षुओं को योग के लिये काफी प्रोत्साहित करते थे। ताकि पदाधिकारी अपने दिनभर के चलने वाले प्रशिक्षण काल में थकें नहीं और सजग रहते हुए विषयों को समझ पायें। प्रशिक्षण के समापन पर डॉ मनीष रंजन ने कहा कि अधिकारियों ने योग कक्षा की बहुत प्रशंसा किये हैं। इन्हें योग से काफी लाभ मिला है। निश्चित ही योग से समग्र स्वास्थ्य पर लाभ मिलता है। मुक्तरथ जी ने कहा कि यह प्रशिक्षण बहुत महत्वपूर्ण था क्योंकि इसमें राज्य के विभिन्न विभाग के महत्वपूर्ण पदों के लिये चयनित पदाधिकारी थे।
207 डिप्टी कलक्टर, पैंतीस डीएसपी, छप्पन राज्य कर पदाधिकारी, दो कारा अधीक्षक, दस झारखण्ड शिक्षा सेवा, एक जिला समादेष्टा, आठ सहायक निबन्धक, चौदह श्रम अधीक्षक, छह प्रोबेशन पदाधिकारी, और तीन उत्पाद निरीक्षक की संख्या थी। सभी ने बहुत ही रुचिपूर्ण तरीके से योगासन, प्राणायाम, शिथिलीकरण, मुद्रा और ध्यान के प्रशिक्षण को प्राप्त किये। इनलोगों ने जीवन में योग को शामिल करने की महत्ता पर विश्वास प्रगट किये।