- आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना पर नामकुम में एकदिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित
टीम एबीएन, रांची। आज नामकुम स्थित आरसीएच कैंपस में आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत एकदिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के पांच जिलों के सभी निजी एवं सरकारी अस्पतालों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के जीएम प्रवीण चंद्र मिश्रा के संबोधन के साथ हुआ। इसके पश्चात अपर कार्यकारी निदेशक सीमा सिंह ने एचईएम पोर्टल पर अस्पतालों के अपग्रेडेशन की जिलावार समीक्षा की तथा सभी अस्पतालों को टीएमएस 2.0 में लंबित अपडेट शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये।
कार्यक्रम के दौरान झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी की वरिष्ठ परामर्शी श्रीमती श्वेता कुमारी ने एचईएम पोर्टल से संबंधित विस्तृत जानकारी दी, वहीं वरिष्ठ परामर्शी विश्वजीत ने नाफू से जुड़े मामलों पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ परामर्शी अंशु कुमार सिंह ने स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए अस्पतालों के इंपैनलमेंट प्रक्रिया को भी स्पष्ट किया।
झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक शशि प्रकाश झा ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े ए टू जेड पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए अस्पतालों से अपील की कि वे राज्य सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुंचाएं ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने एबीडीएम कार्यक्रम की भी विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक श्री हरीश तिवारी ने अपने मधुर गायन से उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की ए टू जेड स्वास्थ्य सेवाओं की सूची, अब एक ही छत के नीचे मिलेंगी ये सुविधाएं।
झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभागने राज्य के नागरिकों के लिए उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की एक व्यापक ए टू जेड सूची जारी की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर मिलने वाली मुफ्त व रियायती सुविधाओं के प्रति जागरूक करना है।इस सूची में बच्चों के स्वास्थ्य से लेकर बुजुर्गों की देखभाल तक, कुल 26 श्रेणियों में सेवाओं को वगीर्कृत किया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं की ए टू जेड हेल्थ सर्विसेज
- ए - आयुष्मान एवं आभा कार्ड : आयुष्मान कार्ड, अबुआ स्वास्थ्य कार्ड और आभा आईडी कार्ड बनाने की सुविधा।
- बी - दृष्टि दोष नियंत्रण : मोतियाबिंद का इलाज और मुफ्त चश्मा वितरण।
- सी - बाल स्वास्थ्य : बच्चों के लिए विशेष बाल रोग सेवाएं।
- डी - डायलिसिस : किडनी के मरीजों के लिए डायलिसिस कार्यक्रम।
- ई - ईएनटी एवं ई-रक्तकोष : नाक, कान, गला जांच और रक्त की उपलब्धता हेतु ई-रक्तकोष।
- एफ - परिवार नियोजन : परिवार नियोजन और फॉलो-अप कार्यक्रम।
- जी - वृद्धजन सेवा : बुजुर्गों के लिए विशेष स्वास्थ्य सेवाएं। (प्रत्येक तृतीय शनिवार को विशेष शिविर)।
- एच - होम्योपैथी एवं यूनानी: वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों द्वारा उपचार।
- आई - आयोडीन अल्पता: घेंघा रोग और आयोडीन की कमी से होने वाली बीमारियों की जांच।
- जे - जननी सुरक्षा योजना : गर्भवती महिलाओं और नवजातों के लिए मुफ्त सेवाएं।
- के- किडनी रोग: गुर्दा रोगों की पहचान और उपचार।
- एल - कुष्ठ उन्मूलन: कुष्ठ रोग की मुफ्त जांच और दवाएं।
- एम - मलेरिया एवं मानसिक स्वास्थ्य: मलेरिया जांच और मानसिक स्वास्थ्य परामर्श।
- एन - पोषण एवं शिक्षा: महिलाओं के लिए पोषण परामर्श और गैर-संचारी रोगों की जानकारी।
ओ- प्रसूति एवं स्त्री रोग: महिलाओं के लिए विशेषज्ञ स्त्री रोग सेवाएं। - पी - संक्रामक रोग बचाव: मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, दिमागी बुखार और डायरिया से बचाव हेतु निवारक कार्यक्रम।
- क्यू- गुणवत्तापूर्ण सेवाएं: मानकों के अनुरूप उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं।
- आर - रेफरल सेवाएं: सांप के काटने, कुष्ठ रोग और अन्य गंभीर स्थितियों में रेफरल सुविधा।
- एस- स्क्रीनिंग (जांच): बीपी, शुगर, एनीमिया, कैंसर, दांत और नाक-कान-गला की नियमित जांच।
- टी - टीबी मुक्त झारखंड: क्षय रोग के लिए मुफ्त जांच और इलाज।
- यू - शहरी स्वास्थ्य: शहरी क्षेत्रों के लिए विशेष स्वास्थ्य कार्यक्रम।
- वी - टीकाकरण एवं यू: बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण और आनलाइन रिकॉर्ड।
- डब्ल्यू - महिला स्वास्थ्य: महिलाओं के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर।
- एक्स-रे और ईसीजी: जिला अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच की सुविधा।
- वाई - योग: प्रत्येक आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर योग अभ्यास।
- जैड - कैंप तैयारी: स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन में शून्य त्रुटि सुनिश्चित करना।
विभाग द्वारा जारी इस सूची में 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभाग द्वारा 6 जनवरी से 10 जनवरी के बीच विशेष स्वास्थ्य गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा।
सरकार की इस पहल से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के मरीजों को यह समझने में आसानी होगी कि वे अपनी बीमारी के अनुसार किस केंद्र पर जाएं। स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि नागरिक इन सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठायें।