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स्वास्थ्य विभाग की बड़ी समीक्षा बैठक, अस्पतालों के कायाकल्प पर जोर

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स्वास्थ्य विभाग की बड़ी समीक्षा बैठक, अस्पतालों के कायाकल्प पर जोर
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अपर मुख्य  सचिव की अध्यक्षता में सभी सिविल सर्जनों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा 

टीम एबीएन, रांची। राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में आज अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में विभागीय सभागार में सभी जिलों के सिविल सर्जनों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। 

बैठक में एनएचएम के एमडी शशि प्रकाश झा, अपर सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला, डीआईसी सिद्धार्थ सान्याल सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। 

अस्पतालों के रंग-रोगन पर सख्त निर्देश 

मुख्यमंत्री अस्पताल संचालन एवं रखरखाव से जुड़े निर्देशों की समीक्षा करते हुए अपर मुख्य सचिव ने सभी सिविल सर्जनों से उनके जिलों के अस्पतालों की रंग-रोगन की तस्वीरें मांगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि मार्च से पहले सभी जिला एवं डिविजनल अस्पतालों का रंग-रोगन पूरा कर लिया जाये तथा राज्य की वेबसाइट पर फोटो अपलोड किया जाये। 

मशीनों की खरीद और डॉक्टरों की समीक्षा 

बैठक में अस्पतालों में उपलब्ध मशीनों की स्थिति की समीक्षा की गयी। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि आवश्यक मशीनों की तत्काल खरीद सुनिश्चित की जाये। साथ ही ब्लॉक एवं सीएचसी स्तर पर डॉक्टरों के कार्य का रिव्यू और उन्हें मोटिवेट करने के निर्देश दिये गये। किसी भी समस्या से विभाग को अवगत कराने को कहा गया। 

सदर अस्पतालों में मॉड्यूलर ओटी निर्माण तेज करने का आदेश 

दूसरे एजेंडे में सदर अस्पतालों में मॉड्यूलर ओटी निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गयी। अपर मुख्य सचिव ने इसे शीघ्र पूरा करने का निर्देश देते हुए कहा कि आगे चलकर सभी सदर अस्पताल मेडिकल कॉलेजों को ट्रांसफर किये जायेंगे, जिससे संचालन की जवाबदेही कॉलेजों पर होगी। 

ट्रॉमा सेंटर और टेली आईसीयू पर बड़ा प्लान 

बैठक में ट्रॉमा सेंटर और मुख्यमंत्री अस्पताल कायाकल्प योजना की भी समीक्षा की गयी। रिम्स के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ पी भट्टाचार्य ने ट्रॉमा सेंटर को लेकर अपने सुझाव रखे। 

जानकारी दी गयी कि राज्य में 49 स्थानों पर ट्रॉमा सेंटर शुरू किये जायेंगे, जहां प्रशिक्षित डॉक्टर, नर्स, टेक्नीशियन और अत्याधुनिक लाइफ सेविंग मशीनें उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही हर जिले में 10 बेडेड आईसीयू और एक टेली आईसीयू स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है। डॉ भट्टाचार्य ने बताया कि फिलहाल 5 स्थानों पर टेली आईसीयू के माध्यम से जांच की जा रही है, जिसका मूल्यांकन रांची रिम्स के डॉक्टर कर रहे हैं। 

चलंत ग्राम क्लीनिक और आउटसोर्स कर्मियों की भी समीक्षा 

बैठक में चलंत ग्राम क्लीनिक योजना तथा आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत कर्मियों से संबंधित अधियाचना की स्थिति का भी आकलन किया गया। इस दौरान अपर सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से संबंधित सभी निजी स्वास्थ्य सुविधाओं के एचएफआर एवं एचपीआर से जुड़े कार्यों तथा एबीडीएम इनेबल्ड एचएमआईएस के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। 

साथ ही सी-डैक एवं बीएसएनएल द्वारा किये जा रहे कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गयी। इसके अतिरिक्त, अपर सचिव ने एबीडीएम के अंतर्गत हार्डवेयर एवं मैनपावर की स्थिति का आकलन भी किया। 

अपर सचिव ने पीएम-अभीम से संबंधित एजेंडे पर निर्देश देते हुए कहा कि 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत उपकरणों का सत्यापन शीघ्र पूर्ण किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने आईपीएचएल एवं बीपीएचयू की स्थिति की जानकारी ली तथा पीएम-अभीम के व्यय (एक्सपेंडिचर) पर भी चर्चा की। 

अपर सचिव ने दंत चिकित्सकों के योगदान की स्थिति एवं चिकित्सा पदाधिकारी तथा विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी के पदस्थापन की पुष्टि हेतु प्रेषित विवरणी की अद्यतन स्थिति मांगी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने न्यायालयीन विवादों की स्थिति का भी आकलन किया। राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और सुलभ बनाने के लिए अस्पतालों के कायाकल्प, आधुनिक सुविधाओं और मानव संसाधन को मजबूत करने की दिशा में तेजी से कदम उठा रही है।

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