युवाओं-बुजुर्गों में कम गंभीर हो सकता है ओमिक्रॉन, लेकिन हल्के में लेने की भूल न करें...
ABN Bureau• 07 Jan, 2022
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एबीएन सेंट्रल डेस्क। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच एक बार फिर से दुनिया को चेताया है कि इसे हल्के में न लें। डब्ल्यूएचओ चीफ ने जिनेवा में प्रेसवार्ता के दौरान चेताया कि वायरस का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन, भले ही डेल्टा स्वरूप से कम गंभीर प्रतीत होता हो लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं कि इसे हल्के की श्रेणी में रखना चाहिए। वहीं डब्ल्यूएचओ प्रमुख जेनेट डियाज ने कहा कि शुरूआती अध्ययनों से पता चला कि डेल्टा की तुलना में नवंबर में दक्षिण अफ्रीका और हांगकांग में पहली बार पहचाने गए वेरिएंट से अस्पताल में भर्ती होने का जोखिम कम था। उन्होंने कहा कि युवा और वृद्ध दोनों लोगों में गंभीरता का जोखिम कम प्रतीत होता है। डब्ल्यूएचओ की यह टिप्पणी दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के अध्ययनों सहित अन्य आंकड़ों के साथ गंभीर बीमारी के कम जोखिम पर आई है। जेनेट डियाज ने कहा कि ओमिक्रॉन बुजुर्गों और युवाओं दोनों को प्रभावित कर रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम गेब्रियेसुस ने कहा कि वैक्सीन लोगों के लिए बेहद जरूरी है और साथ ही सतर्कता भी बरतनी जरूरी है। डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने चेतावनी देते हुए कह कि पिछले वेरिएंट की तरह, ओमिक्रॉन के चलते लोगों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा रहा है और उनकी मौत भी हो रही है, यह गंभीर रूप ले इससे पहले सभी देशों को उपाय करने जरूरी हैं। टेड्रोस ने कहा कि कई देशों में लोगों ने अब भी वैक्सीन नहीं लगाई है और लाखों लोग अब भी असुरक्षित है। साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ देशों में बूस्टर लगाए जा रहे हैं लेकिन बूस्टर महामारी को समाप्त नहीं करेगा, इसके बावजूद भी अरबों लोग पूरी तरह से असुरक्षित रहेंगे।