एबीएन हेल्थ डेस्क। आंध्रप्रदेश की राजधानी अमरावती में चल रहे सेकंड आल इंडिया योगासन पुलिस गेम में योगासन भारत के जॉइंट सेक्रेटरी एवं योगासना पुलिस गेम के कंपटीशन डायरेक्टर वेद प्रकाश शर्मा ने योगासन जजेस को योग सत्र में योग का अभ्यास कराया।
उन्होंने क्रिया योग के बारे में जानकारी दी। नेशनल योगासना जज योगाचार्य महेश पाल ने बताया कि वेदप्रकाश शर्मा मध्य प्रदेश योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। साथ ही वे पिछले कई समय से मध्य प्रदेश व देश में योगासन खेल को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
योग सत्र में वेद प्रकाश शर्मा ने क्रिया योग के बारे में बताया कि आज की भागदौड़ और तनावपूर्ण जीवनशैली में क्रिया योग मानव जीवन में संतुलन और शांति लाने का एक प्रभावी माध्यम बन गया है। यह केवल एक योग विधि नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और मानसिक जागृति का विज्ञान है।
क्रिया योग का अर्थ है क्रिया (कर्म) के माध्यम से आत्म-साक्षात्कार। श्री शर्मा ने आगे बताया कि इसमें श्वास-प्रश्वास, ध्यान और प्राणायाम का संयोजन होता है, जो शरीर, मन और आत्मा तीनों को संतुलित करता है।
क्रिया योग महर्षि पतंजलि द्वारा रचित योग सूत्र में वर्णन है जिसके अंतर्गत तप, स्वाध्याय, ईश्वर प्राणिधान को रखा गया है इसके नियमित अभ्यास से शरीर में ऊर्जा का प्रवाह सुधरता है, जिससे पाचन, रक्त संचार और श्वसन तंत्र मजबूत होते हैं। मानसिक स्तर पर यह योग मन को शांत, स्थिर और एकाग्र बनाता है। तनाव, चिंता और असंतुलन धीरे-धीरे दूर होने लगते हैं।
भावनात्मक रूप से व्यक्ति अधिक करुणामय और संतुलित हो जाता है। आध्यात्मिक दृष्टि से क्रिया योग आत्मा की अनुभूति का मार्ग है। यह व्यक्ति को बाहरी आसक्तियों से मुक्त कर उसकी अंतर्निहित चेतना से जोड़ता है। वर्तमान समय में जब मनुष्य भौतिक उपलब्धियों के बावजूद आंतरिक शांति से दूर है, तब क्रिया योग ही वह साधना है जो जीवन को शांति, स्थिरता और आत्मिक आनंद प्रदान कर सकती है।