एबीएन सेंट्रल डेस्क। ओमिक्रॉन को लेकर दुनियाभर में डर के साथ संक्रमण भी तेजी से फैलता जा रहा है। बुधवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि प्रारंभिक साक्ष्य बताते हैं कि कोविड-19 के टीके ओमिक्रॉन वैरिएंट के खिलाफ कम असरदार हो सकते हैं। टीके की दोनों खुराक के बावजूद शख्स में कोरोना संक्रमण का खतरा अधिक है। डब्ल्यूएचओ ने अपने साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में कहा कि ओमिक्रॉन वैक्सीन या कोरोना संक्रमण से ठीक होकर शरीर में पैदा होने वाली एंटीबॉडी से कम प्रभावी नहीं हो सकता है। हालांकि अभी डब्ल्यूएचओ का ये भी कहना है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट को अभी बेहतर ढंग से समझने के लिए अधिक डाटा की आवश्यकता है। इससे पहले डब्ल्यूएचओ के अधिकारियों ने मंगलवार को एक आॅनलाइन ब्रीफिंग में की गई टिप्पणी के अनुसार, कोरोना वायरस का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन चिंता का विषय है। कोरोना के अन्य वैरिएंट के मुकाबले ओमिक्रॉन ज्यादा संक्रामक और जोखिमभरा है। अप्रैल में डेल्टा संस्करण को चिंता के एक प्रकार के रूप में वगीर्कृत किए जाने के बाद पहली बार जीआइएसएआइडी वैश्विक विज्ञान डेटाबेस पर पंजीकृत डेल्टा अनुक्रमों का प्रतिशत इस सप्ताह चिंता के अन्य रूपों की तुलना में कम हो गया है।