विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 10 अक्टूबर 2023 को मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष पर सिविल सर्जन रांची डॉ प्रभात कुमार ने सर्वप्रथम सिविल सर्जन कार्यालय के प्रांगण से फिरायालाल चौक तक प्रभात फेरी का आयोजन किया। जिसमें एनएमटीसी नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने भाग लिया।
तत्पश्चात सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में सिविल सर्जन महोदय की अध्यक्षता में परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सर्वप्रथम सिविल सर्जन ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य दिवस की शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 7 अप्रैल 1948 को शुरुआत की थी।
पूरे विश्व में यह 1950 में लागू किया गया। जिसका मकसद मानसिक तौर पर लोगों को स्वस्थ रखा जाना है। खास तौर पर कोविद-19 महामारी के दौरान लोगों में मानसिक अवसाद या मानसिक रूप से लोगों में अपने स्वास्थ्य के प्रति चिंता बढ़ी है।
कार्यक्रम को आगे बढ़ते हुए जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी पदाधिकारी सह नोडल पदाधिकारी एनसीडी सेल रांची डॉक्टर शोभा किस्पोट्टा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति को अपनी क्षमताओं का एहसास होता है।
इस स्थिति में व्यक्ति दूसरों के साथ सकारात्मक तरीके से बातचीत कर सकता है। साथ ही तनाव की समस्या से निपटने की क्षमता भी रखता है। मानसिक स्वास्थ्य विकार कई प्रकार के होते हैं। इनमें से कुछ सामान्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रकार में ये शामिल हैं ।
कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए जिला नोडल पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि हमें कुछ महत्वपूर्ण चीजों को समझना अत्यंत आवश्यक है उदाहरण के तौर पर।
चिंता (एंग्जायटी)
मानसिक स्वास्थ्य संबंधी एक विकार चिंता भी है। चिंता के कारण वास्तविक या काल्पनिक स्थितियों में अत्यधिक चिंता या भय उत्पन्न हो सकता है।
अवसाद (डिप्रेशन)
यह मानसिक समस्या सामान्य उदासी या दुख से अलग होती है। इसमें व्यक्ति को काफी दुख, क्रोध, निराश या फ्रस्टेशन हो सकती है।
बाइपोलर डिसआर्डर
बाइपोलर विकार को पहले मैनिक डिप्रेशन कहा जाता था। इस समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को बारी-बारी से मेनिया (असामान्य रूप से भावनाओं को प्रकट करना) और अवसाद होता है।
ईटिंग डिसआर्डर
यह विकार भोजन और शरीर की छवि से संबंधित जुनूनी व्यवहार होता है। इस समस्या में व्यक्ति बहुत कम खाता है या फिर जरूरत से ज्यादा खाने लगता है।
पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसआर्डर
मानसिक स्वास्थ्य संबंधी यह विकार ऐसी घटनाओं के बाद उत्पन्न होता है, जिसकी कभी आशा न की गई हो। इसमें किसी तरह की लड़ाई , किसी अपने की मृत्यु या गंभीर दुर्घटना शामिल है। इस समस्या की चपेट में आने वाला व्यक्ति तनाव और डर महसूस करता है।
सिजोफ्रेनिया और सायकोटिक विकार
यह एक गंभीर मानसिक रोग है। इसमें लोग ऐसी चीजों को देखने, सुनने और विश्वास करने लगते हैं, जो वास्तविक में हैं ही नहीं।
अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसआर्डर (एडीएचडी)
यह बच्चों में पाये जाने वाले सबसे आम मानसिक विकारों में से एक है। इस समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को अपने व्यवहार को नियंत्रित रखने में परेशानी होती है।
एडिक्टिव डिसआर्डर
इस मानसिक समस्या के अंतर्गत व्यक्ति को शराब या ड्रग्स जैसे नशीले पदार्थों की लत लग सकती है। इस लत के कारण व्यक्ति की जान को भी जोखिम हो जाता है।
पर्सनालिटी डिसआर्डर
इस स्थिति में व्यक्ति की पर्सनालिटी यानी बिहेवियर में पूरी तरह बदलाव हो जाता है। इससे व्यक्ति के सोचने-समझने, खाने-पीने और सोने के समय में भी बदलाव होता है, जिसका असर व्यक्ति के रिश्तों पर भी पड़ सकता है।
इससे व्यक्ति को तनाव होना भी काफी आम हो जाता है। मनोचिकित्सक डॉ वीना मिस्त्री द्वारा मानसिक स्वास्थ्य के लक्षणों के बारे में विस्तार से बताया कि हम मानसिक स्वास्थ्य के लक्षणों को कैसे समझ पाएंगे इसके लिए हमें विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालें की आवश्यकता है।
बिगड़ते मानसिक स्वास्थ्य के लक्षण-
- खाने या सोने की आदतों में बदलाव
- पसंदीद लोगों और गतिविधियों से दूरी बनाना
- ऊर्जा हीन या लो एनर्जी का एहसास होना
- सुन्न महसूस करना जैसे कि कुछ भी मायने नहीं रखता है
- अजीब सा दर्द महसूस होना
- असहाय या निराश महसूस करना
- धूम्रपान, शराब पीना और ड्रग्स का अधिक उपयोग करना
- कन्फ्यूज्ड होना, चीजों को भूलना और गुस्सा आना
- परेशान, चिंतित या डरा हुआ महसूस करना
- मूड स्विंग्स के कारण रिश्तों में दरार पड़ना।
इस कार्यक्रम के दौरान जिला कार्यक्रम सहायक अभिषेक देव, फाइनेंशियल एवं लॉजिस्टिक कंसलटेंट सरोज कुमार चौधरी, मनोवैज्ञानिक नाजिया, जिला सलाहकार सुशांत कुमार, सोशल वर्कर सतीश कुमार एवं डाटा एंट्री आपरेटर सौरव आनंद मौजूद रहे।