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अंग-अंग में औषधीय गुण समेटे है जामुन...

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अंग-अंग में औषधीय गुण समेटे है जामुन...
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एबीएन हेल्थ डेस्क। प्रकृति में हर गुण विद्यमान है। कहीं प्रकृति औषधीय गुण समेटे हुए है, तो कहीं विष से भी भर पड़ा है। आइये आज ऐसे ही औषधीय गुण से भरपूर एक फल जामुन की चर्चा करते हैं :

?अगर जामुन की मोटी लकड़ी का टुकडा पानी की टंकी में रख दे तो टंकी में शैवाल, हरी काई नहीं जमेगी और पानी सड़ेगा भी नहीं।

?जामुन की इस खुबी के कारण इसका इस्तेमाल नाव बनाने में बड़ा पैमाने पर होता है।

?पहले के जमाने में गांवों में जब कुंए की खुदाई होती तो उसके तलहटी में जामुन की लकड़ी का इस्तेमाल किया जाता था, जिसे जमोट कहते हैं।

?दिल्ली की निजामुद्दीन बावड़ी का हाल ही में हुए जीर्णोद्धार से ज्ञात हुआ 700 सालों के बाद भी गाद या अन्य अवरोधों की वजह से यहां जल के स्रोत बंद नहीं हुए हैं।

?भारतीय पुरातत्व विभाग के प्रमुख केएन श्रीवास्तव के अनुसार इस बावड़ी की अनोखी बात यह है कि आज भी यहां लकड़ी की वो तख्ती साबुत है, जिसके ऊपर यह बावड़ी बनी थी। श्रीवास्तव जी के अनुसार उत्तर भारत के अधिकतर कुओं व बावड़ियों की तली में जामुन की लकड़ी का इस्तेमाल आधार के रूप में किया जाता था।

?स्वास्थ्य की दृष्टि से विटामिन सी और आयरन से भरपूर जामुन शरीर में न केवल हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ाता। पेट दर्द, डायबिटीज, गठिया, पेचिस, पाचन संबंधी कई अन्य समस्याओं को ठीक करने में अत्यंत उपयोगी है।

?एक रिसर्च के मुताबिक जामुन की पत्तियों में एंटी डायबिटिक गुण पाये जाते हैं, जो रक्त शुगर को नियंत्रित करने करती है। ऐसे में जामुन की पत्तियों से तैयार चाय का सेवन करने से डायबिटीज के मरीजों को काफी लाभ मिलेगा।

?सबसे पहले आप एक कप पानी लें। अब इस पानी को तपेली में डालकर अच्छे से उबाल लें। इसके बाद इसमें जामुन की कुछ पत्तियों को धो कर डाल दें। अगर आपके पास जामुन की पत्तियों का पाउडर है, तो आप इस पाउडर को 1 चम्मच पानी में डालकर उबाल सकते हैं। जब पानी अच्छे से उबल जाए, तो इसे कप में छान लें। अब इसमें आप शहद या फिर नींबू के रस की कुछ बूंदें मिक्स करके पी सकते हैं।

?जामुन की पत्तियों में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं। इसका सेवन मसूड़ों से निकलने वाले खून को रोकने में और संक्रमण को फैलने से रोकता है। जामुन की पत्तियों को सुखाकर टूथ पाउडर के रूप में प्रयोग कर सकते हैं। इसमें एस्ट्रिंजेंट गुण होते हैं, जो मुंह के छालों को ठीक करने में मदद करते हैं। मुंह के छालों में जामुन की छाल के काढ़ा का इस्तेमाल करने से फायदा मिलता है। जामुन में मौजूद आयरन खून को शुद्ध करने में मदद करता है।

?जामुन की लकड़ी न केवल एक अच्छी दातुन है अपितु पानी चखने वाले (जलसूंघा) भी पानी सूंघने के लिए जामुन की लकड़ी का इस्तेमाल करते हैं।

तो है न जामुन बड़े ही काम की चीज...

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