एबीएन हेल्थ डेस्क। कोरोना के बाद गढ़वा में मलेरिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। आलम ये है कि गढ़वा जिले के 7 प्रखंड डेंजर जोन में आ गये हैं। इन 7 प्रखंडों में मलेरिया का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
हालांकि स्वास्थ्य महकमा बीमारी की रोकथाम को लेकर अभियान चला रहा है, लेकिन जरूरी है कि आम जनता भी सावधानियां बरतें। गढ़वा जिले में मलेरिया के मरीजों की बढ़ती संख्या से हड़कंप मचा है। एक्शन मोड में आए स्वास्थ्य महकने ने जिले के सात प्रखंडों को डेंजर जोन घोषित कर दिया है। इन प्रखंडों में मेराल, धुरकी, बंशीधर नगर, भवनाथपुर, माझीयाओ, रंका और भंडरिया शामिल हैं।
मौसम में बदलाव है वजह : गढ़वा जिले में कभी भीषण गर्मी तो कभी बारिश से मौसम में हो रहे बदलाव के चलते मलेरिया का प्रकोप बढ़ रहा है। अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही है। इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी के रोकथाम को लेकर अभियान चलाया है। जिसके तहत लगभग 25 हजार ऐसे सैम्पल कलेक्ट किये गये, जिन्हें बुखार था।
हालांकि सभी सैंपल्स की रिपोर्ट निगेटिव आयी, लेकिन जब सैंपल्स को पटना भेज कर क्रॉस वेरिफिकेशन किया गया तो दो पॉजिटिव मरीज भी मिले। जिसमें एक मेराल और एक माझीयाओ के हैं। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग लोगों में जागरुकता फैलाने कोशिश कर रहा है ताकि ज्यादा लोग बीमारी की चपेट में न आये।
ग्रामीण इलाकों में भी जागरूकता अभियान : मलेरिया के ज्यादातर मरीज ग्रामीण इलाकों से मिलते हैं ऐसे में ग्रामीण इलाकों में भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जगह-जगह पर डीडीटी का छिड़काव भी किया जा रहा है। मलेरिया मच्छर की फीमेल प्रजाति एनोफिलीज के काटने से फैलता है।
इस मच्छर में प्लाज्मोडियम नाम का जीवाणु पाया जाता है। इसी से संक्रमित होकर लोग बीमार पड़ते हैं। मलेरिया के लक्षण शुरुआत के 2 से 3 दिनों के अंदर ही दिखने लगते हैं। मलेरिया होने पर बुखार आना, सिर दर्द होना, उल्टी होना, मन मचलना, ठंड लगना, चक्कर आना, थकान होना, पेट दर्द, थकान और बैचेनी होना जैसे लक्षण शामिल हैं।
हालांकि अब तो वैक्सीन्स से मलेरिया का बचाव हो जाता है, लेकिन कई बार ये बीमारी मौत का कारण भी बन जाती है। ऐसे में जरूरी है कि मलेरिया से बचाव के लिए सावधानियां बरती जाये।
इसके लिए
- मच्छर-दानी लगाकर सोएं और सफाई का ध्यान रखें।
- घर के अंदर और आस-पास मच्छर मारनेवाली दवा छिड़कें।
- मोस्कीटो रिपेलेंट मशीनों का इस्तेमाल जरूर करें।
- घर के दरवाज़ों और खिड़कियों पर जाली लगायें।
- ऐसे कपड़े पहनें जो पूरे शरीर को ढंकें।
- घर के अंदर या आस-पास पानी जमा ना होने दें।