एबीएन सेंट्रल डेस्क। आईएमए भवन में रविवार को हड्डी रोग पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य वक्ता के रूप में आईएमए सचिव डॉ सौरभ चौधरी, डॉ सुनील कुमार व डॉ राजेश ठाकुर शामिल थे। डॉ चौधरी ने कहा कि साइलेंट महामारी की तरह ऑस्टियोपोरोसिस बढ़ रही है। इसके प्रति लोगों में जागरूकता की कमी है।
अधिकांश लोगों को यह बीमारी तब समझ में आती है, जब उनकी हड्डियां किसी न किसी कारण से टूट जाती है। 50 वर्ष के बाद लगभग 30 प्रतिशत महिलाएं इस बीमारी से ग्रस्त हो जाती है। इस दौरान हड्डियां अंदर से खोखली हो जाती है और उनके टूटने का खतरा बढ़ जाता है। इसका इलाज संभव है। अगर किसी व्यक्ति को पीठ में दर्द, आसानी से बोन फ्रैक्चर हो जाना, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द होना सहित अन्य परेशानी हो तो उसे नजर अंदाज न करें। उसकी जांच कराएं।
वहीं, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ सुनील कुमार ने घुटने के दर्द वाले रोगी का इलाज कैसे करना है, उसके बारे में बताया। इस अवसर पर आइएमए के अध्यक्ष डॉ जीसी माझी सहित दर्जन भर डाक्टर उपस्थित थे।