Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
हेल्थ

बढ़ता भारत : दूसरे देशों से तकनीक साझा करने के लिए डब्ल्यूएचओ ने भारत से मांगी मदद

शेयर करें: WhatsApp Facebook X
बढ़ता भारत : दूसरे देशों से तकनीक साझा करने के लिए डब्ल्यूएचओ ने भारत से मांगी मदद
विज्ञापन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। 600 से ज्यादा कोरोना वायरस के स्वरूपों की पहचान करने में भारतीय वैज्ञानिकों को सफलता मिली। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ विनोद स्कारिया ने कहा कि हमें खुशी है कि भारत अब दूसरे देशों को जीनोम साइंस में प्रशिक्षित कर रहा है। 
इसका एक सफल परिणाम मालदीव में देखने को मिला, जब उस देश ने अपने यहां कोरोना संक्रमण को लेकर पहला जीनोम सीक्वेंस किया। तीन से चार दिन तक चले इस प्रशिक्षण में उनकी टीम ने मालदीव के वैज्ञानिक और डॉक्टरों का  मार्गदर्शन किया।

600 से ज्यादा कोरोना वायरस के स्वरूपों की पहचान करने में भारतीय वैज्ञानिकों को मिली सफलता 

सदस्य देशों के साथ मिलकर कार्य कर रहा डब्ल्यूएचओ : कोरोना महामारी को नियंत्रण में लाने के लिए डब्ल्यूएचओ बीते लंबे समय से सभी सदस्य देशों के साथ मिलकर कार्य कर रहा है। भारत की तरह दूसरे देशों को भी वायरस की पहचान करने में सक्षम बनाने के लिए डब्ल्यूएचओ ने यह पहल शुरू की है। किसी भी जीव के डीएनए में मौजूद समस्त जीनों का अनुक्रम संजीन या जीनोम कहलाता है। कोरोना महामारी में नवंबर 2020 में सरकार ने पहली बार जीनोम विज्ञान का सहारा लेते हुए कोरोना वायरस के विभिन्न स्वरूपों की पहचान करना शुरू किया था। इसके लिए बाकायदा एक नेटवर्क स्थापित किया गया, जिसमें अब देश की 53 से ज्यादा प्रयोगशालाएं शामिल हैं।

विज्ञापन

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 34,270