एबीएन हेल्थ डेस्क। भारत में हाई ब्लडप्रेशर के एक चौथाई से भी कम मरीजों का ब्लडप्रेशर कंट्रोल रहता है। रिसर्च जर्नल ‘द लैंसेट रीजनल हेल्थ’ में प्रकाशित एक स्टडी में इसका खुलासा हुआ है। हार्ट पेशेंट के लिए हाई ब्लड प्रेशर एक अहम कारक है, जो समय से पहले मौत के प्रमुख कारणों में से एक है।
राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र, नई दिल्ली और अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी स्कूल आॅफ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं ने 2001 के बाद प्रकाशित 51 स्टडीज की डिटेल में समीक्षा की है। इसी आधार पर भारत में हाई ब्लडप्रेशर नियंत्रण की दरों का पता चला। रिसर्चर्स ने पाया कि 21 अध्ययनों (41 प्रतिशत) में महिलाओं के मुकाबले पुरुषों के बीच हाई ब्लडप्रेशर के नियंत्रण की सबसे खराब दर है।
छह अध्ययनों (12 प्रतिशत) में ग्रामीण मरीजों के बीच नियंत्रण की दर ज्यादा खराब पाई गई। इस रिसर्च स्टडी के लेखकों ने कहा, भारत में हाई ब्लडप्रेशर के एक चौथाई से भी कम मरीजों का रक्तचाप 2016-2020 के दौरान नियंत्रण में था। हालांकि, पिछले कुछ वर्ष के मुकाबले नियंत्रण दर में सुधार हुआ। रिसर्चर्स का कहना है कि हृदय रोगियों की मौत की संख्या कम करने में उच्च रक्तचाप की बेहतर नियंत्रण दर हासिल करना बेहद अहम है। कारण कि हाई ब्लड प्रेशर भारत में मौत की प्रमुख वजहों में से एक है।