एबीएन हेल्थ डेस्क। अब युवाओं में भी कमर दर्द की शिकायत बढ़ने लगी है। इसके लिए काफी हद तक हमारे सोने और बैठने का तरीका सही नहीं होना है। इसकी वजह से ‘बैक पेन’ का मर्ज बढ़ रहा है। खासतौर पर कंप्यूटर, लैपटॉप पर काम करने वाले लोगों को इसका विशेष ध्यान रखना चाहिए। पीजीआई पेन क्लीनिक की प्रभारी व एनेस्थीसिया विभाग की प्रो. बबीता घई, सहायक प्रोफेसर डॉ वरुण सिंगला और सहायक प्रोफेसर डॉ दीपिका गोयल ने रविवार को बैंक केयर बुक-आॅल यू नीड फॉर हेल्थी बैक के पुस्तक के विमोचन अवसर पर दैनिक ट्रिब्यून से इस संदर्भ में विशेष बातचीत की। इस किताब में ऐसे आसान तरीके बताये गये हैं, जिन्हें अपनाकर आप खुद को बैक पेन से बचा सकते हैं। इस बुक को डॉ बबीता घई, डॉ दीपिका बंस, डॉ वरुण धवन, डॉ रजनी शर्मा द्वारा लिखा गया है। उक्त विशेषज्ञों ने कमर दर्द के कारण और निवारण पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले कमर दर्द 50-60 की उम्र वाले लोगों को होता था, लेकिन अब इसकी चपेट में 30-40 साल की उम्र के लोग ज्यादा आ रहे हैं। सोने और उठने-बैठने के तरीकों के साथ ही वर्कप्लेस को ठीक से आगेर्नाइज करके कमर दर्द से राहत मिल सकती है। काम करते समय इस बात का ध्यान रखें कि आपको बार-बार झुकने मुड़ने या दूर से कुछ उठाने की जरूरत न पड़े। ध्यान रखें कि बैठते वक्त घुटने और कुल्हे एक सीध में हों या कूल्हे से थोड़े से ऊंचे हों कुर्सी पर पीछे होकर बैठना है। कुर्सी में एस शेप लंबर सपोर्ट होना चाहिए। गर्दन और कमर को कुर्सी का सपोर्ट न दें। काम के दौरान आंख की ऊंचाई पर लैपटॉप होना चाहिए।
अपनायें ये तरीके : बहुत ज्यादा झुक कर या कूब निकालकर बैठना रीढ़ को बहुत ज्यादा प्रभावित करता है। इससे पीठ के निचले हिस्से में काफी दबाव पड़ता है और आपको स्पाइन में दर्द शुरू हो जाता है। इसलिए हर एक घंटे में अपने सिर और गर्दन को धीरे-धीरे ऊपर-नीचे और दाएं-बाएं घुमाएं। खुद से कोई दवा न लें। किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें।
लगातार न बैठें : लंबे समय तक एक ही जगह पर काम करना आपके लिए हानिकारक है। यह आपकी पीठ की मांसपेशियों, गर्दन और रीढ़ पर जोर देता है। झुकना इसे और खराब कर देता है। ज्यादा देर तक बैठना सही नहीं हैं। हर एक घंटे बाद उठकर कुछ देर के लिए जरूर घूमें।
रोजाना एक्सरसाइज : यदि आप एक्सरसाइज या अन्य फिजिकल वर्क नहीं करते तो बहुत ज्यादा संभावना है कि आप पीठ दर्द की चपेट में आ जाएं। रीढ़ को मजबूत पेट और पीठ की मांसपेशियों के सहारे की जरूरत होती है। इसके लिए व्यायाम करना बहुत जरूरी हैं। पैदल चलना, सीढ़ियां चढ़ना या फिर कुछ फिजिकल काम करना आपकी डिस्क को मजबूत और लचीला बनाता है।