ट्रांसपैरेंट मास्क दिलायेगा अस्थमा मरीजों को राहत, चश्मा भी नहीं होगा धुंधला
ABN Bureau• 22 Mar, 2021
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कोरोना से बचाव में मास्क आज भी सबसे बड़ा हथियार है। हालांकि, वैक्सीन के निर्माण की खबर सुनते ही कुछ लोग मास्क को गंभीरता से नहीं ले रहे। लेकिन, बढ़ते मामलों को देखते हुए मास्क पहनने की सलाह दी जा रही है। लेकिन, अस्थमा के मरीज और जो चश्मा पहनते हैं उन्हें लगातार मास्क पहनना टार्चर से कम नहीं लग रहा है। इन समस्याओं को देखते हुए वैज्ञानिकों ने पॉलीमर से बना पारदर्शी मास्क बनाया है, जिसकी खुद केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने भी तारीफ की है। आइए जानते है इस मास्क की खासियत...
लोग क्यों नहीं पहनना चाहते मास्क
कुछ लोगों को मास्क पहनने से सांस की समस्या उत्पन्न हो रही है
ज्यादातर अस्थमा के मरीज इसे पहनने से बचते हैं
जो चश्मा पहनते है वे यदि नाक के ऊपर तक मास्क पहने तो शीशे में भांप आ जाता है
कुछ लोग अपने खूबसूरती छिपाना नहीं चाहते,
लगातार पहनने से बॉडी में पर्याप्त मात्रा में आॅक्सीजन नहीं जाता, जिससे सिर दर्द आदि की समस्या कुछ लोगों को होती है
क्या है ट्रांस्पैरेंट मास्क की खासियत
चंडीगढ़ के चंडीगढ़ की सेंट्रल साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट आर्गनाइजेशन के वैज्ञानिकों ने इस पारदर्शी मास्क बनाया है। जो केंद्रीय स्वास्थ्यमंत्री डॉ हर्षवर्धन को भी भाया। उन्होंने न केवल इसकी तारीफ की बल्कि इसे पहना भी।
इस मास्क को आसानी से धोया जा सकता है।
सीएसआईओ की वैज्ञानिक डॉ सुनीता मेहरा की मानें तो यह मास्क पॉलीमर से बना हुआ है।
यह कोरोना को शरीर में प्रवेश करने से रोकने में कारगर है, क्योंकि यह मास्क चारों ओर से बंद होता है,
इसे लगाने के बाद सांस नहीं फूलती
सांस छोड़ने के बाद भी भाप नहीं जमती
यदि मिली माइक्रो ड्रॉपलेट भी गिर जाए तो इसे आसानी से धो कर हटाया जा सकता है।
आपकी ब्यूटी भी नहीं छुपेगी, क्योंकि यह पारदर्शी है।
सुरक्षा लिहाज से भी यह खास है। एयरपोर्ट आदि जगहों पर सीसीटीवी में लोगों की आसानी से पहचान हो पाएगी।
क्या है कीमत : इस मास्क को महज 150 से 200 रुपये में खरीदा जा सकता है। हालांकि, कुछ दिनों में इसके बाजार में आने के बाद इसकी कीमत और कम हो सकती है। आपको बता दें कि इसके अलावा एक चश्मा भी तैयार किया जा रहा है। जिसे लगाने के बाद आंखें भी कोरोना से सुरक्षित रहेंगी। जिसकी लागत करीब 250 रुपये होगी।