एबीएन हेल्थ डेस्क। देश में पिछले कुछ महीनों में हार्ट अटैक के मामले काफी बढ़ गये हैं। कम उम्र में ही दिल का दौरा पड़ रहा है और इससे मौत हो रही है। कई मामलों में अटैक अचानक आ रहा है और मौके पर ही मौत हो रही है। हालांकि हार्ट अटैक के कुछ ऐसे लक्षण होते हैं, जिनकी पहचान से समय रहते इस बीमारी की पहचान हो सकती है, जिससे मरीज की जान बचाई जा सकती है। आइये जानते हैं क्या हैं वे लक्षण और कैस दिल की बीमारियों से बचाव कैसे करें। डॉक्टर गुप्ता बताते हैं कि खराब लाइफस्टाइल, खानपान की गलत आदतों और कोविड वायरस की वजह से हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं। कोविड महामारी के बाद कोरोना हार्ट डिजीज के केस काफी बढ़ गये हैं। लोग डाइट में जंक फूड लेते हैं। शराब और धूम्रपान की लत भी काफी बढ़ गई है। साथ ही कोरोना वायरस की वजह से हार्ट आर्टरीज में हुए ब्लड क्लॉट की वजहे से भी दिल का दौरा पड़ रहा है। ब्लड क्लॉट की वजह से हार्ट फंक्शन सही से नहीं हो पाते हैं और इससे ब्लड पंप करने में परेशानी होती है और दिल का दौरा पड़ जाता है।
हार्ट डिजीज के बढ़ते मामलों का एक कारण यह भी है कि लोग इस बीमारी के लक्षणों पर ध्यान नहीं देते हैं। कई मामलों में छाती में दर्द को गैस का दर्द समझते हैं, लेकिन ये हार्ट अटैक का कारण बनता है। कई मामलों में जेनिटिक कारणों और अधिक मानसिक तनाव की वजह से भी हार्ट डिजीज हो सकती है। इसलिए मानसिक सेहत पर भी ध्यान दें। अगर घर में किसी को पहले से ही दिल की बीमारी है, तो अपना ध्यान रखें और डॉक्टरों से सलाह जरूर लें।
हार्ट अटैक आने से पहले दिखते हैं ये लक्षण
अचानक ज्यादा पसीना आना
सांस लेने में परेशानी
छाती में दर्द और जकड़न
बाएं हाथ और कंधे में दर्द
जी मिचलाना और गर्दन जबड़े या पीठ तक पहुंचा दर्द
ऐसे करें हार्ट डिजीज से बचाव
खानपान का ध्यान रखें और डाइट में प्रोटीन और विटामिन शामिल करें।
रोजाना कम से कम आधा घंटा एक्सरसाइज करें।
धूम्रपान और शराब का सेवन न करें।
हर तीन महीने में हार्ट की जांच के लिए लिपिड प्रोफाइल और चेस्ट एमआरआई करायें।
कम से कम सात घंटे की नींद जरूर लें।
हार्ट अटैक का कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टरों से सलाह लें।