एबीएन सेंट्रल डेस्क। ईरान में हिजाब के खिलाफ सुलगती आग अब भड़क चुकी है। एक अधिकारी समूह ने कहा कि मोरैलिटी पुलिस हिरासत में कुर्द महिला महसा अमीनी की मौत के बाद भड़की हिंसा में अब तक 75 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि देश में प्रदर्शन से उत्पन्न अशांति के खिलाफ ईरानी अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों पर बल का प्रयोग किया, जिसमें 75 से अधिक लोगों की मौत हो गयी।वहीं, ईरानी अधिकारियों ने आधिकारिक मौत का आंकड़ा 41 बताया है। इस हिंसक प्रदर्शन में मरने वालों में सुरक्षा बलों के सदस्य भी शामिल हैं। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली ख़ामेनेई के तीन दशक से अधिक के शासन को समाप्त करने का आह्वान किया। ईरान में महसा अमीनी की मौत से उत्पन्न हिजाब मामले की आग दुनिया भर में फैलती जा रही है। ईरान समेत विदेशों में इसको लेकर एंटी-हिजाब प्रदर्शन जारी हैं। ईरानी महिलाएं अपने हिजाब जला रही हैं और बाल काट कर विरोध जता रही हैं। वह हिजाब कानून का विरोध कर रही हैं। अमेरिका ने महिलाओं के इस विरोध प्रदर्शन में साथ देने का वादा किया है। बताया जा रहा है कि महसा को ईरान की मोरैलिटी पुलिस ने इसलिए गिरफ्तार किया था क्योंकि उन्होंने ठीक से हिजाब नहीं पहना था जो देश में महिलाओं के लिए तय ड्रेस कोड के खिलाफ है। वहीं, अमेरिका ने महिला की कथित तौर पर पुलिस कस्टडी में मौत के मामले को लेकर ईरान की मोरैलिटी पुलिस पर प्रतिबंध लगा दिया है। अधिकारियों ने कहा कि एंटी हिजाब प्रदर्शन के दौरान 1,200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। बता दें कि, महसा अमीनी की मौत के बाद महिलाओं के हिजाब पहनने को लेकर बनाये गये सख्त कानून पर ईरानी महिलाओं ने सवाल खड़े कर दिये हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने एएफपी को बताया कि तेहरान और अन्य जगहों पर प्रदर्शनकारी सोमवार की रात फिर से सड़कों पर उतर आये। 16 सितंबर को अमिनी की मौत के बाद से देशव्यापी प्रदर्शन जारी है।