एबीएन सेंट्रल डेस्क। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई अपने सफलता को लेकर आए दिन चर्चा में रहते हैं। लेकिन इस समय वो अपने एक अनोखे बयान को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। लगातार दूसरी तिमाही में उम्मीद से कम कमाई होने पर गूगल ने अपने कर्मचारियों के यात्रा और मनोरंजन के लिए बजट को घटा दिया है। इसके बाद यह जानकारी सामने आई थी कि इस बदलाव को लेकर कंपनी में कई कर्मचारी नाखुश हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कर्मचारियों से कहा है कि वो इन बातों से परेशान होने के बजाय, काम का मजा लें। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिचाई को पिछले हफ्ते हुई एक मीटिंग में अपने कर्मचारियों के सवालों का सामना करना पड़ा था। इस मीटिंग में पिचाई से कॉस्ट कटिंग को लेकर सवाल पूछे गये थे। इस दौरान उन्होंने सवालों के जवाब देते हुए कहा कि मौज मस्ती हमेशा नहीं होती, हमें हमेशा मस्ती की तुलना पैसे से नहीं करनी चाहिए।
गूगल में हायरिंग पर दिया जवाब : इस मीटिंग में जब पिचाई से गूगल में हायरिंग के बारे में भी पूछा गया। सुंदर पिचाई से कर्मचारियों ने कहा कि इस तरह से सुविधाओं में कमी करने से कर्मचारियों को कमजोर बना रही है। पिचाई ने गूगल पर हायरिंग प्रक्रिया को धीमा करने को लेकर जानकारी दी। उन्होंने संकेत दिया कि गूगल के पास बहुत अधिक लोग हैं और कंपनी इन संख्याओं को नहीं दर्शाती है। साथ ही कहा कि यह कॉस्ट कटिंग बुरे वक्त के लिए की गई है।
सर्च इंजन गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा मुझे लगता है कि आप एक हार्डवर्किंग स्टार्टअप के साथ काम कर रहे हैं इसलिए मजे कर रहे होंगे और इसकी पैसों से तुलना नहीं होनी चाहिए। मुझे याद है जब गूगल शुरू हुआ था और इतना बड़ा नहीं था तब सिर्फ काम की बातें होती थी।
आईटी कंपनियों पर असर : बता दें कि इन दिनों टेक कंपनियां प्रतिकूल आर्थिक स्थिति को देखते हुए कमर कस रही हैं। दुनियाभर में ब्याज दरें बढ़ रही हैं और स्टार्टअप कल्चर अब इतना आसान नहीं रहा। ऐसे में गूगल, फेसबुक जैसी कंपनियों में उम्मीद से कम कमाई हो रही है। इसलिए ये कंपनियां कर्मचारियों के पर्क और दूसरी सुविधाओं में कटौती कर रही हैं।