एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस ने यूक्रेन-रूस युद्ध के 189 दिन बाद यूरोपीय देशों को बड़ा झटका देते हुए नॉर्ड स्ट्रीम-1 पाइपलाइन के जरिए की जा रही गैस आपूर्ति को पूरी तरह रोक दिया। रूस की सरकारी ऊर्जा कंपनी गजप्रोम ने कहा कि नॉर्ड स्ट्रीम-1 पाइपलाइन अगले तीन दिनों तक बंद रहेगी। क्रेमलिन ने कहा है कि नॉर्ड स्ट्रीम 1 पाइपलाइन के माध्यम से यूरोप को रूस की गैस आपूर्ति तब तक पूरी तरह से फिर से शुरू नहीं होगी जब तक कि सामूहिक पश्चिम मास्को पर लगे प्रतिबंध नहीं हटाता। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने प्रमुख पाइपलाइन के माध्यम से रूस की विफलता के लिए यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और कनाडा के प्रतिबंधों को दोषी ठहराया, जो बाल्टिक सागर के माध्यम से सेंट पीटर्सबर्ग से जर्मनी को गैस पहुंचाता है। पेसकोव ने इंटरफैक्स समाचार एजेंसी के हवाले से कहा, पश्चिमी देशों द्वारा हमारे देश और कई कंपनियों के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों के कारण गैस पंप करने में समस्या आई। पेसकोव की टिप्पणी क्रेमलिन द्वारा अभी तक की सबसे मजबूत मांग है कि यूरोपीय संघ रूस के महाद्वीप में गैस वितरण फिर से शुरू करने के बदले अपने प्रतिबंधों को वापस ले।
बता दें कि रूस ने पहले ही पाइपलाइन के माध्यम से यूरोपीय देशों को की जाने वाली गैस आपूर्ति को काफी हद तक कम कर दिया है। नॉर्ड स्ट्रीम 1 पाइपलाइन सेंट पीटर्सबर्ग के पास रूसी तट से उत्तर-पूर्वी जर्मनी तक बाल्टिक सागर के नीचे 1200 किमी तक फैली हुई है। यह 2011 में शुरु की गयी थी और इस पाइपलाइन के जरिए रूस से जर्मनी को प्रतिदिन अधिकतम 17 करोड़ घन मीटर गैस भेजी जाती है। रूस के मुताबिक, जुलाई में पाइपलाइन को मुरम्मत के लिए दस दिनों के लिए बंद किया गया था। रूस ने आपूर्ति बंद करने के पीछे उपकरणों में आई खराबी का हवाला दिया है। हाल में केवल 20 प्रतिशत क्षमता के साथ पाइपलाइन का संचालन किया जा रहा है। यह भी उल्लेखनीय है कि सोमवार को यूरोप के 19 देशों की कॉमन करेंसी यूरो 0.7 फीसदी गिरकर 98.80 यूएस सेंट्स के भाव पर फिसल गई जो वर्ष 2002 के बाद से सबसे कम है। यह यूरो का डॉलर के मुकाबले 20 साल का सबसे न्यूनतम स्तर है। वहीं यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स भी 3.3 फीसदी लुढ़क गया। रूस द्वारा यूरोप को सप्लाई करने वाली प्रमुख गैस पाइपलाइन को बंद करनेके चलते यूरोपीय कारोबारियों और निवासियों के लिए ठंडी का मौसम लंबा खिंचने वाला है।