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यूक्रेन पर तेज हमले के बीच क्या शांति वार्ता करेगा रूस!

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यूक्रेन पर तेज हमले के बीच क्या शांति वार्ता करेगा रूस!
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एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस-यूक्रेन युद्ध 56वें दिन में प्रवेश कर चुका है। लेकिन युद्ध खत्म होने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। रूस ने यूक्रेन पर हमला तेज करते हुए सख्त चेतावनी दी है और कहा है कि यूक्रेन के सैनिक हथियार डाल दे या अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे। इस बीच शांति वार्ता को लेकर क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा है कि अब गेंद यूक्रेन के पाले में है कि वह शांति वार्ता चाहता है या नहीं। रूस ने यूक्रेन को लेकर एक मसौदा पास किया है जिसमें कीव से एकदम साफ और स्पष्ट मांग की गई है। एचटी ने एपी के हवाले से बताया है कि पेस्कोव ने यह नहीं बताया है कि मांगों की सूची में क्या क्या है लेकिन कहा है कि कीव लगातार पहले के समझौते से हट रहा है। पेस्कोव ने कहा कि यूक्रेन वार्ता प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए इच्छुक नहीं दिखाई दे रहा है। शांति वार्ता की आस नहीं : गौरतलब है कि पिछले महीने तुर्की के इंस्तांबुल में रूस और यूक्रेन के अधिकारियों के बीच शांति वार्ता हुई थी। इस शांति वार्ता के बाद कुछ दिनों तक कीव के आसपास रूस ने हमले को सीमित कर दिया था। यूक्रेन ने दावा किया था कि हम शांति वार्ता के सफल होने के बहुत करीब हैं। उस समय कुछ आस बंधी थी लेकिन एक सप्ताह बाद ही रूस का मारियुपोल शहर पर हमला तेज हो गया। कल से रूस ने यूक्रेन पर फिर से आक्रामक हमला शुरू कर दिया है। ऐसे में युद्ध के अंजाम से दुनिया चिंतित है। फिलहाल शांति वार्ता की कोई आस नहीं दिख रही है। एक दिन पहले ही रूस ने चेतावनी थी कि यूक्रेन हथियार डाल दे, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे। लेकिन यूक्रेन भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। उसने कहा है कि वह किसी भी कीमत पर हथियार नहीं डालेगा और अंतिम सांस तक रूस का मुकाबला करेगा। 1.3 करोड़ लोग युद्धग्रस्त इलाके में फंसे हैं : इस बीच यूक्रेन में युद्ध की भयावह हालत के बाद 50 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी संस्था यूएनएससीआर के मुताबिक युद्ध से पहले यूक्रेन में 4.4 करोड़ लोग रहते थे लेकिन युद्ध के बाद करीब 70 लाख लोग देश के अंदर विस्थापित हुए हैं जबकि 5.03 लाख लोग देश से बाहर निकल चुके हैं। यूएनएचसीआर के मुताबिक करीब 1.3 करोड़ लोग युद्धग्रस्त इलाके में बुरी तरह फंसे हुए हैं।
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